
पटना: बिहार की राजनीति में हलचल मच गई है। RJD नेता और पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने एक बड़ा बयान दिया है कि अगर चुनाव आयोग (EC) मतदाता सूची में हो रही बेईमानी और गड़बड़ियों को नहीं रोकता, तो महागठबंधन (RJD+कांग्रेस+लेफ्ट) विधानसभा चुनाव का बहिष्कार (Boycott) कर सकता है।
– Allegation (आरोप):तेजस्वी यादव ने आरोप लगाया है कि चुनाव आयोग (EC), विशेषकर SIR (Special Intensive Revision) प्रक्रिया में, भाजपा के निर्देशों पर काम कर रहा है। उन्होंने इसे “बेईमानी” वाली प्रक्रिया कहा और यह सवाल उठाया कि अगर शुरुआत ही धोखाधड़ी पर आधारित है, तो फिर चुनाव कराने का क्या मतलब?
B. Boycott (बहिष्कार की संभावना):
उन्होंने खुलकर कहा: “बहिष्कार एक विकल्प हो सकता है” और इसके लिए महागठबंधन साझेदारों और आम जनता से विचार विमर्श किया जाएगा ।
C – Consultation (परामर्श):
उन्होंने खुलकर कहा: “बहिष्कार एक विकल्प हो सकता है” और इसके लिए महागठबंधन साझेदारों और आम जनता से विचार विमर्श किया जाएगा ।
D – Demand for transparency (पारदर्शिता की मांग):
उन्होंने जोर देकर कहा कि SIR प्रक्रिया “flawed” और “non-transparent” है, और गरीब, प्रवासी मजदूर आदि वोटरों को इससे नुकसान हो रहा है ।
E – Effect on voter list (मतदाता सूची पर असर):
EC ने कहा कि 56 लाख नाम हटाए गए— जिनमें मृतक, प्रवासी, डुप्लीकेट व अनट्रेसेबल नाम हैं—लेकिन तेजस्वी का कहना है कि इससे गरीबों के वोट छूटने का खतरा बढ़ गया है ।
F – Future steps (भविष्य की रणनीति):
वॉयस ऑफ़ SIR को संसद (राज्य एवं केंद्र दोनों) में उठाया जा चुका है, साथ ही विधानसभा में भी इनके खिलाफ हंगामा हुआ और सदन की कार्यवाही रुकी—ये संकेत है कि RJD मुद्दे को सड़क और सदन तक ले जाएगी ।
G – Growth of pressure (दबाव):
SIR को लेकर विधानसभा में जमकर हंगामा हुआ, स्पीकर से लेकर विपक्ष तक माहौल प्रयोग कर रहा है, जिससे दबाव बन रहा है कि EC को प्रक्रिया पारदर्शी बनानी चाहिए ।

तेजस्वी यादव ने साफ किया है: RJD बहिष्कार कर सकती है, लेकिन A से Z तक सबकुछ सोच-विचार कर, गठबंधन और जनता की राय लेकर। उनकी इस रणनीति में चुनाव आयोग को लोकतांत्रिक प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने के लिए दबाव बनाना शामिल है।
नीतीश कुमार vs तेजस्वी यादव
- विधानसभा में इस मुद्दे को लेकर जमकर हंगामा हुआ।
- नीतीश कुमार ने तेजस्वी पर पलटवार करते हुए कहा कि “तुम बच्चे थे जब हम राजनीति कर रहे थे”।
- तेजस्वी ने कहा कि जनता को बेवकूफ बनाने की साजिश बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
तेजस्वी का बड़ा बयान क्यों वायरल हो रहा है?
1. चुनाव बहिष्कार की धमकी – बिहार की राजनीति में ये बड़ा कदम होगा।
2. गरीब वोटरों पर असर – अगर नाम हटाए गए तो RJD का वोट बैंक प्रभावित हो सकता है।
3. सोशल मीडिया ट्रेंड – #BiharChunavBoycott और #TejashwiYadav ट्विटर पर ट्रेंड कर रहे हैं।
“तेजस्वी यादव बोले – जब बेईमानी तय हो तो चुनाव ही क्यों?”
