
आइए जानते हैं कि तेजस्वी को क्या कहना है अगर फिर से बन गया नीतीश की सरकार तो क्या होगा अगला कदम तेजस्वी की
फिर वापस आ गए नीतीश कुमार तो क्या करेंगे तेजस्वी? RJD ने बताया अपना अगला प्लान
बिहार की राजनीति एक बार फिर करवट ले चुकी है। नीतीश कुमार एक बार फिर मुख्यमंत्री की कुर्सी पर काबिज हो गए हैं, और इसी के साथ राज्य की सियासत में हलचल मच गई है। सवाल उठता है कि अब विपक्ष यानी राष्ट्रीय जनता दल (RJD) और तेजस्वी यादव क्या कदम उठाएंगे? क्या वो चुप बैठेंगे या फिर सत्तारूढ़ सरकार के खिलाफ कोई बड़ा आंदोलन खड़ा करेंगे?
तेजस्वी यादव और RJD ने हाल ही में साफ कर दिया है कि नीतीश कुमार की वापसी से वो घबराए नहीं हैं, बल्कि अब उनकी रणनीति और भी मजबूत होगी। आइए जानते हैं तेजस्वी और उनकी पार्टी RJD का अगला प्लान क्या है।
राजनीतिक घटनाक्रम का संक्षिप्त विवरण
पिछले कुछ वर्षों में नीतीश कुमार ने कई बार राजनीतिक पाला बदला है। कभी बीजेपी के साथ, तो कभी महागठबंधन में आकर RJD के साथ। लेकिन इस बार फिर से उन्होंने NDA (बीजेपी गठबंधन) में वापसी कर ली है। इससे RJD और कांग्रेस को झटका जरूर लगा है, लेकिन तेजस्वी यादव ने इसे लोकतंत्र के लिए चुनौती नहीं, बल्कि नया अवसर बताया है।
तेजस्वी यादव का तीखा बयान
“नीतीश कुमार की राजनीति अब भरोसे के लायक नहीं रही। जनता सब कुछ देख रही है, और आने वाले चुनाव में उन्हें जवाब देगी। RJD की लड़ाई अब और मजबूती से लड़ी जाएगी।”
उनके इस बयान से साफ है कि RJD कोई सियासी हार मानने के मूड में नहीं है।
RJD का अगला प्लान
1. जनता से सीधा संवाद
RJD अब बूथ स्तर से लेकर जिला स्तर तक जनसंपर्क अभियान चलाएगी। तेजस्वी यादव खुद राज्य के विभिन्न हिस्सों में जनसभाएं करेंगे और नीतीश सरकार की नाकामियों को उजागर करेंगे।
2. युवा और बेरोजगारी पर फोकस
तेजस्वी यादव बेरोजगारी, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे मुद्दों को लेकर युवा मतदाताओं से जुड़ना चाहते हैं। उनका मानना है कि यही वर्ग चुनाव में निर्णायक भूमिका निभाएगा।
3. सोशल मीडिया पर आक्रामक अभियान
2025 विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए RJD ने अपने सोशल मीडिया वॉर रूम को सक्रिय कर दिया है। भाजपा और जेडीयू की कथनी और करनी में फर्क को उजागर किया जाएगा।
4. विपक्षी एकता की पहल
तेजस्वी यादव विपक्षी दलों को एकजुट करने की कोशिश में लगे हुए हैं। उनका मानना है कि अकेले लड़ने की बजाय विपक्ष को एक साथ आना होगा।
नीतीश के खिलाफ रणनीति
नीतीश कुमार की सरकार को जनता के सामने ‘विश्वासघाती’ के रूप में पेश करना, RJD की मुख्य रणनीति है। पार्टी कार्यकर्ता यह बताने में जुटे हैं कि नीतीश कुमार ने जनादेश का अपमान किया है और सत्ता के लिए बार-बार पाला बदलते हैं।
महिला और पिछड़ा वर्ग को साधना
तेजस्वी यादव का अगला ध्यान महिलाओं और पिछड़े वर्गों पर केंद्रित है। RJD इन वर्गों को आर्थिक, शैक्षणिक और सामाजिक रूप से सशक्त बनाने की योजनाओं को जनता के बीच पहुंचा रही है।
विधानसभा और सड़क दोनों पर विरोध
RJD का साफ कहना है कि वे सिर्फ विधानसभा के भीतर नहीं, बल्कि सड़कों पर भी नीतीश सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलेंगे। अगर किसी मुद्दे पर जनविरोध हुआ, तो पार्टी सड़कों पर आंदोलन करने से पीछे नहीं हटेगी।
नजरें 2025 विधानसभा चुनाव पर
RJD की सारी तैयारियां अब 2025 विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखकर की जा रही हैं। पार्टी को विश्वास है कि इस बार जनता पलटी मारने वाली राजनीति से तंग आ चुकी है और एक स्थिर, जवाबदेह सरकार चाहती है।

नीतीश कुमार की फिर से सत्ता में वापसी ने बिहार की राजनीति में नई हलचल जरूर मचा दी है, लेकिन तेजस्वी यादव और RJD इससे घबराए नहीं हैं। उनका मानना है कि यह मौका है जनता से सीधे जुड़ने का और एक मजबूत विकल्प तैयार करने का। RJD की रणनीति अब सिर्फ सियासत नहीं, जनता की असल समस्याओं को केंद्र में रखकर बनाई जा रही है।
आने वाला समय बताएगा कि नीतीश कुमार की वापसी जनता को कितना रास आती है और RJD की नई रणनीति कितना असर दिखा पाती है। एक बात तय है – बिहार की राजनीति अब और दिलचस्प होने वाली है।