
कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर लगाए गए “वोट चोरी” से जुड़े गंभीर आरोपों का जवाब देते हुए चुनाव आयोग (ECI) ने कहा, “हम झूठे आरोपों से नहीं डरते। ” इस मुद्दे पर नीचे विस्तार से चर्चा की गई है:
संदर्भ और राजनीतिक पृष्ठभूमि
7 अगस्त 2025 को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में, राहुल गांधी ने फॉर्म-6 के दुरुपयोग, भारी संख्या में एक ही पते से पंजीकरण, महादेवपुरा (बैंगलोर) सीट में डुप्लीकेट वोटर्स और गलत पते पर वोट डालने के आरोप लगाए। उनका दावा था कि इन मुद्दों ने 2024 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस की जीत को प्रभावित किया था। शामिल मुद्दों में शामिल हैं:
- डुप्लीकेट नाम: लगभग 11,956
- अवैध/गलत पते: लगभग 40,009
- “बुल्क” रजिस्ट्रेशन: लगभग 10,452 (जिनमें एक ही घर से 80 व्यक्ति)
- अमान्य फोटो: 4,132
- फॉर्म-6 से दुरुपयोग: ~33,692
यह दावा कांग्रेस की छह महीने की शोध के आधार पर किया गया था ।
कांग्रेस और भारत गठबंधन ने बिहार में मतदाता सूची के पुनरीक्षण (SIR) को लेकर आरोप लगाया कि ECI का यह कदम दलित, आदिवासी, अल्पसंख्यक और वंचित वोटरों को सूची से बाहर निकालने का प्रयास है।
चुनाव आयोग का जवाब: प्रेस कॉन्फ्रेंस का सार
17 अगस्त 2025 को मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में इन सभी आरोपों को स्पष्ट रूप से खारिज कर दिया। मुख्य मुद्दे निम्नलिखित हैं:
1. घर संख्या “0” (house number zero)
ECI ने कहा कि बहुत से गाँवों और पंचायत क्षेत्रों में घरों का कोई स्पष्ट संख्या नहीं है। किसी को मतदाता सूची से बाहर नहीं निकाला जा सकता, इसलिए “0” को प्रभावी घर संख्या बनाया गया ताकि वे सूची में शामिल हो सकें। मतदान को जानना आवश्यक नहीं है; सबसे महत्वपूर्ण है—नागरिकता, 18 वर्ष की आयु और बूथ से निकटता।
2. डुप्लीकेट नाम (Duplicate entries)
Commission ने कहा कि दो स्थानों पर वोट डालना गैरकानूनी है, और एक व्यक्ति का नाम दो बूथों में होने पर भी वह केवल एक बार ही वोट डाल सकता है। अगर कोई डुप्लीकेट वोटिंग कर रहा है, तो उसके बारे में जानकारी दी जाए, साथ ही उसकी पुष्टि की जाए।
3. 22 लाख मृत्यु-रिपोर्ट का जवाब
बिहार में रिपोर्ट की गई 22 लाख मौतों में से अधिकांश पिछले 20 वर्षों में रिपोर्ट नहीं की गई जनसंख्या में शामिल थे। ऐसी सभी त्रुटियों को दूर करने के लिए SIR ने काम किया।
4. SIR में जल्दबाज़ी नहीं
CEC ने बताया कि SIR 24 जून 2025 से शुरू हुआ और 20 जुलाई तक चलता था। मेघाकाल में भी यह सफल रहा। 2003 में भी पिछले SIR की तरह जुलाई-अगस्त में संपन्न हुआ था।
5. राहुल गांधी को एफिडेविट या माफी का निर्देश
“या तो अपने आरोपों का एफ़िडेविट दो, या फिर राष्ट्र से माफी मांगो,” CEC ने कहा। अगर सात दिनों में कोई साक्ष्य नहीं मिलता, तो ये आरोप बेकार हो जाएंगे।
6. ** संविधान का अपमान और निष्पक्षता का दावा**
आयोग ने कहा कि “वोट चोरी” शब्द लोकतंत्र और संवैधानिक संस्था को अपमानित करते हैं। आयोग ने कहा कि वह धर्म, वर्ग या लिंग की परवाह किए बिना सभी मतदाताओं के साथ “पथ्थर की तरह” खड़ा है।
7. संविधान और निष्पक्षता पर जोर
Commission ने फिर से कहा कि वे सभी राजनीतिक दलों को समान रूप से देखते हैं— न तो किसी को पक्षपातपूर्ण व्यवहार किया जाता है, न ही किसी को विशिष्ट दर्जा दिया जाता है।
सुप्रीम कोर्ट में SIR को चुनौती

राजनीतिक प्रतिक्रियाएँ और विवाद
जवाब में, Congress Party ने कहा कि राहुल गांधी ने ECI के डेटा का हवाला दिया है और झूठ नहीं बोला है। उनका दावा है कि ECI ने “निष्पक्ष नहीं बल्कि पक्षपाती” प्रदर्शन किया है। विपक्ष ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन करने की मांग करते हुए ECI को संविधान के प्रति असम्मानित व्यवहार का दोषी ठहराया।
निष्कर्ष और विश्लेषण
इस बहस में निम्नलिखित प्रमुख मुद्दे उठते हैं:
1. विरोधी दलों के आरोप: वोटर सूची में दोष, “वोट चोरी” की व्यापक साजिश, और लोकतांत्रिक संस्थाओं की सक्रिय भूमिका।
2. ECI का तर्क: तथ्यात्मक सफाई, प्रक्रिया की पारदर्शिता और SIR को कानूनी और प्रक्रियात्मक रूप से आगे बढ़ाना
3. कानूनन हस्तक्षेप— SIR प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए सुप्रीम कोर्ट ने ECI को निर्देश दिया।
4. जननीति का प्रभाव ये बहस बिहार विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक गतिविधियों को दर्शाती है— जहाँ मतदाता सूची और चुनाव प्रक्रिया की वैधता सबसे बड़ी चिंता बन गई है
ECI ने स्पष्ट कर दिया है कि वह किसी भी आरोप से नहीं डरेगा, चाहे वे कठोर या विवादास्पद हों। उसने तथ्यों और सरकारी नियमों के अनुसार अपने कार्य को “संवैधानिक जिम्मेदारी” बताया है। वहीं, बहस जब तक विपक्ष प्रमाण नहीं देता, तब तक जारी रहेगी— सुप्रीम कोर्ट इस पर केंद्रित है। मैं इस विषय पर काम कर सकता हूँ अगर आप चाहते हैं: सुप्रीम कोर्ट के आदेश की व्यापक समीक्षा, बिहार SIR प्रक्रिया की स्थापना और अतीत, या राजनीतिक रणनीति और चुनावी प्रभाव जैसे मुद्दों पर अधिक ब्लॉग लिख सकता हूँ। समाचार स्रोतों का स्थान निम्नलिखित है:
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