
दिव्यांगजनों के लिए भारत सरकार और राज्य सरकारों ने कई योजनाएँ, पेंशन, छात्रवृत्तियाँ और रोजगार से जुड़ी सुविधाएँ दी हैं। जिन लोगों के पास विकलांगता प्रमाण पत्र या UDID कार्ड है,
वे इन सभी योजनाओं का लाभ ले सकते हैं। यह प्रमाण पत्र आज के डिजिटल युग में घर बैठे ऑनलाइन भी बनवाया जा सकता है। इस लेख में हम पूरी तरह से समझेंगे—
- विकलांग प्रमाण पत्र क्या है?
- UDID कार्ड क्या है?
- पात्रता (Eligibility)
- जरूरी दस्तावेज़
- ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया
- ऑफलाइन आवेदन की प्रक्रिया
- स्टेटस कैसे चेक करें
- लाभ (Benefits)
- अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
- आइए विस्तार से जानते हैं –
विकलांग प्रमाण पत्र (Disability Certificate) क्या है?
विकलांग प्रमाण पत्र, जिसे मेडिकल बोर्ड जारी करता है, एक सरकारी दस्तावेज़ है। यह प्रमाण पत्र पुष्टि करता है कि संबंधित व्यक्ति को शारीरिक, मानसिक, श्रवण या दृष्टि विकलांगता है।
- सरकारी योजनाओं का लाभ लेने
- छात्रवृत्ति और पेंशन प्राप्त करने
- रोजगार में आरक्षण पाने
- टैक्स छूट लेने
- और विशेष सुविधाओं का लाभ उठाने में किया जाता है।
UDID कार्ड क्या है?
- Unique Disability ID Card (UDID) का पूरा नाम है। भारत सरकार का दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग (DEPwD) इसे जारी करता है। UDID कार्ड का मूल उद्देश्य देश भर में दिव्यांग नागरिकों को एक एकल पहचान पत्र देना है। UDID कार्डों के लाभ
- भारत भर में एक कार्ड का उपयोग सभी सरकारी योजनाओं का लाभ एक कार्ड से मिलता है डेटा दोहराव को रोकना ऑनलाइन आवेदन, अपडेट और नवीनीकरण की सुविधा
Viklang Certificate / UDID Card Overview
- कार्ड का प्रकार Disability Certificate / UDID Card
- शुल्क बिल्कुल मुफ्त
- विभाग Department of Empowerment of Persons with Disabilities (DEPwD)
- आवेदन का तरीका ऑनलाइन (UDID Portal) और ऑफलाइन (जिला अस्पताल)
- जारी करने वाली संस्था सरकारी अस्पताल / मेडिकल बोर्ड
- न्यूनतम विकलांगता प्रतिशत 40% या उससे अधिक
- वैधता स्थायी / अस्थायी
आधिकारिक वेबसाइट
http://www.swavlambancard.gov.in
Viklang Certificate के लिए पात्रता (Eligibility)
आवेदन केवल भारतवासी कर सकते हैं। विकलांगता 40 प्रतिशत से अधिक नहीं होनी चाहिए।
आवेदन कर सकते हैं जो जन्म से विकलांग हैं या किसी दुर्घटना या बीमारी के कारण दिव्यांग हैं। बच्चों (18 वर्ष से कम) के लिए भी प्रमाणपत्र बन सकते हैं।
विकलांगता के प्रकार (Types of Disability)
RPWD Act, 2016 के अनुसार कुल 21 प्रकार की विकलांगताएँ मान्य हैं। जैसे –
- दृष्टि बाधित (Blindness / Low Vision)
- श्रवण बाधित (Hearing Impairment)
- मानसिक रोग (Mental Illness)
- सेरेब्रल पाल्सी
- हेमोफीलिया
- ऑटिज़्म
- मल्टीपल स्क्लेरोसिस
- पार्किंसंस रोग
- थैलेसीमिया
- ड्वार्फिज्म (बौना होना)
- और अन्य कई विकलांगताएँ।
Viklang Certificate / UDID Card के लिए आवश्यक दस्तावेज़
- आधार कार्ड / पहचान पत्र
- निवास प्रमाण पत्र (Address Proof)
- बैंक पासबुक
- पासपोर्ट साइज फोटो
- हस्ताक्षर (Signature)
- ईमेल आईडी और मोबाइल नंबर
- यदि पहले से कोई विकलांगता प्रमाण पत्र है तो उसकी कॉपी
Viklang Certificate Online Apply 2025: Step by Step Process
Disability Certificate अब घर बैठे बनवाना आसान है।
- 1.चरण: UDID की आधिकारिक वेबसाइट पहले देखें।
- 2. चरण: “Disability Certificate & UDID Card Apply” पर क्लिक करें।
- 3. चरण: रजिस्ट्रेशन के लिए एक फार्म खोला जाएगा। ठीक से नाम, जन्मतिथि, पता और विकलांगता का प्रकार भरें।
- 4.चरण: आधार कार्ड, फोटो, हस्ताक्षर, निवास प्रमाण आदि को स्कैन करके अपलोड करें।
- 5. पांच: पूर्ण विवरण भरने के बाद, “फाइनल प्रस्तुत करना” पर क्लिक करें।
- 6.चरण: अब आपके पास एक आवेदन संख्या आ जाएगी। इसे याद रखें।
- 7.चरण: आवेदन होने पर जिला अस्पताल या मेडिकल बोर्ड में जाँच के लिए बुलाया जा सकता है।
- 8.चरण: परीक्षा पूरी पर आपका प्रमाण पत्र जारी किया जाएगा।
http://www.swavlambancard.gov.in
Disability Certificate Offline Apply Process
अगर आप ऑनलाइन आवेदन नहीं कर सकते हैं, तो आप नजदीकी जिला अस्पताल या मेडिकल बोर्ड में जाकर भी आवेदन कर सकते हैं। वहाँ से आवेदन पत्र भरकर जमा करें, फिर आवश्यक जाँच के बाद प्रमाण पत्र प्राप्त करें।
Viklang Certificate Application Status कैसे चेक करें?
- 1. UDID Portal में साइन इन करें।
- 2. “Application Status” ऑप्शन चुनें।
- 3. अपनी आवेदन संख्या दर्ज करें।
- 4. स्क्रीन आपके आवेदन की वर्तमान स्थिति दिखाएगी।
Viklang Certificate / UDID Card के लाभ

Viklang Certificate Update / Renewal Process
आप UDID Portal पर लॉगिन करके अपनी जानकारी को अपडेट कर सकते हैं अगर आपका दस्तावेज़ या डेटा बदल गया है।
Login करें “अपडेट विकलांग प्रमाणपत्र” पर क्लिक करें नवीन दस्तावेज़ डालें अनुरोध सबमिट करें
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
Q1. विकलांग प्रमाण पत्र कितने प्रतिशत विकलांगता पर बनता है?
- ➡️ कम से कम 40% या उससे अधिक पर।
Q2. बच्चों के लिए प्रमाण पत्र बनता है क्या?
- ➡️ हाँ, 0 से 18 वर्ष तक के बच्चों के लिए भी बनता है।
Q3. आवेदन करने के बाद प्रमाण पत्र कितने दिन में मिलता है?
- ➡️ मेडिकल बोर्ड की प्रक्रिया के अनुसार 30 से 60 दिन लग सकते हैं।
Q4. क्या विदेश में रहने वाले भारतीय नागरिक आवेदन कर सकते हैं?
- ➡️ नहीं, यह केवल भारत में रहने वाले नागरिकों के लिए है।
Q5. UDID कार्ड और Disability Certificate में क्या फर्क है?
- ➡️ Disability Certificate मेडिकल बोर्ड जारी करता है, जबकि UDID कार्ड केंद्रीय स्तर पर पूरे देश में एक यूनिक आईडी देता है।
निष्कर्ष
यदि आप या आपके परिवार का कोई दिव्यांग है तो Viklang Certificate और UDID Card बनवाना बहुत महत्वपूर्ण है। यह न केवल आपकी पहचान का प्रमाण है, बल्कि आप आसानी से सरकारी योजनाओं, छात्रवृत्तियों और पेंशन का लाभ ले सकते हैं। अब सरकार ने पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन कर दी है, जिससे आप अपने अधिकारों का लाभ घर बैठे ले सकते हैं।
✍️ लेखक परिचय (About Me):मेरा नाम Sunny Mahto है। मैं सरकारी योजनाओं, शिक्षा और रोजगार से जुड़ी जानकारी लोगों तक पहुँचाने का कार्य करता हूँ ताकि आम नागरिक आसानी से सरकारी सुविधाओं का लाभ ले सकें। मेरा उद्देश्य है कि हर ज़रूरतमंद तक सही और भरोसेमंद जानकारी पहुँचे।