
श्रीलंका और हांगकांग ने आठवें ग्रुप स्टेज एशिया कप 2025 में खेले। यह मैच बहुत रोमांचक था क्योंकि श्रीलंका लगातार दूसरी जीत दर्ज कर सुपर-4 में स्थान पक्का करना चाहता था, जबकि हांगकांग टूर्नामेंट में पहली जीत की तलाश में था। श्रीलंका ने हांगकांग को चार विकेट से हराया, पथुम निसांका की धुआंधार पारी और वानिन्दु हसरंगा के छोटे लेकिन निर्णायक कैमियो से टूर्नामेंट में अपनी स्थिति मज़बूत कर ली।
इस मुकाबले में हांगकांग ने भी दिल जीतने वाली क्रिकेट खेली। यह टीम भले ही एशिया की अग्रणी टीमों जितनी मज़बूत नहीं हो, लेकिन निजाकत खान और अंशुमन रथ की शानदार साझेदारी ने दिखाया कि उसमें क्रिकेट का असली जज़्बा है।

टॉस और शुरुआत
टॉस श्रीलंका ने इस मैच जीता और गेंदबाजी का फैसला किया। जब हांगकांग के दोनों सलामी बल्लेबाज जल्दी पवेलियन लौट गए, कप्तान चरिथ असलंका ने सही निर्णय लिया था। लेकिन इसके बाद क्या हुआ, उसने श्रीलंकाई गेंदबाजों को परेशान कर दिया।
हांगकांग ने 23 रन की ताबड़तोड़ पारी खेलकर शुरूआत की, लेकिन दुष्मंथा चमीरा ने उन्हें आउट कर श्रीलंका को मैच में वापसी का मौका दिया। बाबर हयात इसके बाद भी बहुत देर टिक नहीं सका।
निजाकत और रथ की साझेदारी
3 विकेट जल्दी गिरने के बाद हांगकांग की टीम दबाव में थी, लेकिन निजाकत खान और अंशुमन रथ की शानदार बल्लेबाजी ने सब कुछ बदल दिया। दोनों बल्लेबाजों ने तीसरे विकेट के लिए 61 रन जोड़ते हुए हांगकांग का सम्मानजनक स्कोर बनाया।
- निजाकत खान – 44 गेंदों पर 52 रन (4 चौके, 1 छक्का)
- अंशुमन रथ – 39 गेंदों पर 48 रन (3 चौके)
यह साझेदारी हांगकांग के बल्लेबाजों के लिए वरदान बन गई। इस दौरान उन्होंने श्रीलंका के महान गेंदबाज हसरंगा को भी बेखौफ खेला।
हांगकांग की पारी का अंत
हांगकांग ने 1.20 ओवर पूरे होने तक 4 विकेट पर 149 रन बनाए। यह स्कोर छोटा नहीं था, खासकर इस मैदान पर जहां पिच बल्लेबाज़ी के लिए धीमी हो रही थी।
2. श्रीलंका के सबसे सफल गेंदबाज दुष्मंथा चमीरा रहे। वे चार ओवर में 29 रन देकर दो विकेट झटके। Хасरंग और अन्य गेंदबाजों का दिन सामान्य रहा।
श्रीलंका की पारी – निसांका का दमदार शो
श्रीलंका ने 150 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी शुरुआत धीमी रही। कुसल मेंडिस (11) 26 रन पर पहला विकेट गिरा। इसके बाद 19 वर्षीय कामिल मिशारा ने कोई तेज रन नहीं बनाया।
लेकिन पथुम निसांका ने एक छोर संभालकर रन बनाना शुरू किया। टूर्नामेंट में उन्होंने लगातार दूसरी फिफ्टी जीती।
निसांका की पारी
- 44 गेंदों पर 68 रन
- 6 चौके और 2 छक्के
- स्ट्राइक रेट – 154
उनकी पारी ने श्रीलंका को विजयी बनाया।
मैच में रोमांचक मोड़
16. ओवर की पहली गेंद पर निसांका रन आउट हो गया। तुरंत बाद, कुसल परेरा LBW बाहर चला गया। श्रीलंका के दो सेट बल्लेबाज कुछ ही गेंदों में पवेलियन लौट गए।
कप्तान असलंका दो बार और कामिंडु मेंडिस पांच बार आउट हो गए। श्रीलंका ने 10 गेंदों में चार विकेट गंवा दिए। अब मैच बहुत रोमांचक हो गया था और हांगकांग की टीम मैच में वापस आ गई थी।
हसरंगा और शनाका का फिनिश
वानिन्दु हसरंगा ने आखिरी ओवरों में दबाव में ताबड़तोड़ शॉट्स खेले।
- हसरंगा – 9 गेंदों पर नाबाद 20 रन (2 छक्के)
- दासुन शनाका – 3 गेंदों पर नाबाद 6 रन
इन दोनों ने मिलकर टीम को 18.5 ओवर में लक्ष्य दिया, जिससे श्रीलंका ने मैच चार विकेट से जीत लिया।
मैच के टर्निंग पॉइंट्स
1. निजाकत खान और अंशुमन रथ की साझेदारी—हांगकांग को प्रतिस्पर्धी स्कोर दिया।
2. पथुम निसांका की फिफ्टी—श्रीलंका ने लक्ष्य हासिल किया।
3. 16वें ओवर के बाद खेल – मैच लगातार विकेट गिरने से रोमांचक हो गया।
4. हसरंगा का फिनिश: दबाव में धैर्य रखने वाला और शक्तिशाली होता है।
हांगकांग का प्रदर्शन – हारकर भी जीता दिल
हांगकांग ने टूर्नामेंट से बाहर होने के बाद तीन मैच गंवा दिए, लेकिन इस मैच ने दिखाया कि यह टीम बड़े मंच पर भी जूझारूपन से खेल सकती है। रथ और निजाकत की साझेदारी, गेंदबाजों की धार और कप्तान यासिम मुर्तजा का नेतृत्व सराहनीय रहा।
श्रीलंका की लगातार दूसरी जीत
श्रीलंका ने इस जीत के बाद ग्रुप स्टेज में दो जीत हासिल कर चार अंक पूरे कर लिए। अब टीम सुपर-4 में है। टीम ने लगातार दो मैच जीतकर आत्मविश्वास बढ़ा लिया है।
- बांग्लादेश के खिलाफ जीत (6 विकेट से)
- हांगकांग के खिलाफ जीत (4 विकेट से)
खिलाड़ियों का विश्लेषण
श्रीलंका देश पथुम निकालना— मैच जीतने वाली पारी, टूर्नामेंट का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन हसरंगा— टीम के लिए संकटमोचक बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों से योगदान। चमीरा— नई गेंद से गेंदबाजी करना हांगकांग शहर
निजाकत खान— जुझारू बल्लेबाजी और साहसपूर्ण प्रदर्शन। अंशुमन रथ—समझदारी से खेला गया था, और स्ट्राइक रोटेशन अच्छा है। यासिम मुर्तजा—गेंदबाजी और कप्तानी दोनों में प्रभावी।
सुपर-4 की रेस
इस मैच के बाद श्रीलंका ने ग्रुप बी से सुपर-4 में जगह पक्की की। Hong Kong बाहर हो गया। अब बहस यह है कि अफगानिस्तान या बांग्लादेश में से कौन सी टीम अगले चरण में जाएगी।
निष्कर्ष
श्रीलंका की टीम ने साबित कर दिया है कि उनकी सबसे बड़ी ताकत टीमवर्क और लचीलापन है, भले ही उनके पास कुछ बड़े नाम नहीं हों। वहीं हांगकांग ने जीत हासिल की, लेकिन लोगों का दिल जीता। छोटी टीम भी बड़े मैदान पर अपनी ताकत दिखाना क्रिकेट का असली साहस है।
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