
केंद्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा (CTET) में 2025 से बड़ा बदलाव होने जा रहा है। अब तक CTET परीक्षा दो स्तरों – पेपर 1 (प्राइमरी) और पेपर 2 (अपर प्राइमरी) – में आयोजित होती थी। लेकिन शिक्षा मंत्रालय और CBSE की नई नीति के अनुसार अब CTET को चार लेवल में विभाजित किया जाएगा। यह बदलाव न केवल परीक्षा पैटर्न को बदल देगा, बल्कि उम्मीदवारों की तैयारी रणनीति पर भी गहरा असर डालेगा। आइए विस्तार से जानते हैं कि CTET 2025 में क्या बड़े परिवर्तन होने वाले हैं और इससे अभ्यर्थियों को क्या लाभ या चुनौतियाँ मिलेंगी।
CTET 2025 में 4 लेवल क्यों?
- अब तक CTET में केवल दो लेवल थे –
- पेपर 1 : कक्षा 1 से 5 के लिए शिक्षक बनने वालों के लिए।
- पेपर 2 : कक्षा 6 से 8 के लिए शिक्षक बनने वालों के लिए।
लेकिन नई शिक्षा नीति (NEP 2020) के अनुसार अब स्कूल शिक्षा को चार चरणों में बांटा गया है – फाउंडेशनल (1-2 कक्षा), प्रिपरेटरी (3-5 कक्षा), मिडिल (6-8 कक्षा) और सेकेंडरी (9-12 कक्षा)। इसी पैटर्न को ध्यान में रखते हुए CTET को भी चार स्तरों में विभाजित करने का फैसला लिया गया है। इससे शिक्षक भर्ती प्रक्रिया अधिक सटीक और पारदर्शी होगी।
नए CTET 2025 लेवल
अब CTET परीक्षा में चार अलग-अलग स्तर होंगे
1. लेवल 1 (फाउंडेशनल)
कक्षा 1-2 के लिए शिक्षक बनने वाले अभ्यर्थियों के लिए।इसमें बाल विकास, बुनियादी गणित, भाषा और शिक्षण कौशल पर फोकस होगा।
2. लेवल 2 (प्रिपरेटरी)
कक्षा 3-5 के लिए शिक्षक बनने वाले उम्मीदवारों के लिए।इसमें बाल मनोविज्ञान, प्राथमिक गणित, पर्यावरण अध्ययन और भाषा ज्ञान शामिल होगा।
3. लेवल 3 (मिडिल)
कक्षा 6-8 के लिए शिक्षक बनने वालों के लिए।इसमें गणित, विज्ञान, सामाजिक विज्ञान और शैक्षणिक पद्धतियों पर ध्यान दिया जाएगा।
4. लेवल 4 (सेकेंडरी)
कक्षा 9-12 के लिए शिक्षक बनने वालों के लिए।इसमें विषय विशेषज्ञता (मैथ्स, साइंस, हिंदी, इंग्लिश आदि) पर गहराई से प्रश्न पूछे जाएंगे।
नए CTET पैटर्न में क्या होगा खास?
हर स्तर की अलग परीक्षा होगी और उम्मीदवार को उसी लेवल का टेस्ट देना होगा, जिसमें वह शिक्षक बनना चाहता है।
सिलेबस और कठिनाई स्तर हर लेवल के हिसाब से अलग होगा
अब उच्च माध्यमिक स्तर (कक्षा 9-12) के शिक्षक बनने के लिए भी CTET पास करना अनिवार्य होगा।
समय अवधि और प्रश्नों की संख्या में भी बदलाव संभव है।
उम्मीदवारों पर असर
1. तैयारी ज्यादा स्पष्ट – अब उम्मीदवार एक ही स्तर पर फोकस करके तैयारी कर पाएंगे।
2. कंपटीशन बढ़ेगा – अलग-अलग लेवल में भर्ती होने से उम्मीदवारों की संख्या में बढ़ोतरी हो सकती है।
3. विशेषज्ञता की मांग – उच्च कक्षाओं (9-12) में पढ़ाने के लिए गहन विषय ज्ञान जरूरी होगा

फायदे
स्कूलों में बेहतर क्वालिटी वाले शिक्षक तैयार होंगे।
नई शिक्षा नीति के अनुरूप भर्ती प्रक्रिया ज्यादा पारदर्शी होगी।अभ्यर्थी को सही लेवल के हिसाब से परीक्षा देने का मौका मिलेगा।
तैयारी कैसे करें?
सिलेबस का सही अध्ययन करें और लेवल के हिसाब से तैयारी शुरू करें।
पिछले साल के CTET प्रश्न पत्र हल करें।
बाल विकास और शिक्षा शास्त्र पर गहराई से ध्यान दें।विषय आधारित किताबें और NCERT की किताबें पढ़ना शुरू करें।
CTET 2025 में 4 लेवल की शुरुआत एक ऐतिहासिक बदलाव है। इससे शिक्षक भर्ती प्रक्रिया ज्यादा संगठित और पारदर्शी होगी। अभ्यर्थियों को अब अपनी रुचि और योग्यता के अनुसार लेवल चुनने का मौका मिलेगा। हालांकि, इससे प्रतियोगिता भी बढ़ेगी, इसलिए अभी से तैयारी शुरू करना ही सही कदम होगा। जो उम्मीदवार इस बदलाव को समझकर तैयारी करेंगे, वे निश्चित ही सफलता प्राप्त करेंगे।
