
भारत एक कृषि प्रधान देश है, जहाँ अधिकांश ग्रामीण लोग खेती और पशुपालन पर निर्भर हैं। किसानों को खेती-बाड़ी के साथ-साथ पशुपालन भी अतिरिक्त आय का एक प्रमुख साधन है। लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में पशुपालकों और किसानों के पास अपने पशुओं को रखने के लिए सुरक्षित और मजबूत शेड की कमी रहती है। बिहार सरकार ने इस समस्या को देखते हुए “Bihar Pashu Shed Yojana 2025” शुरू किया है।
यह योजना राज्य के गरीब और मध्यमवर्गीय पशुपालकों को पशु शेड बनाने के लिए धन देती है। योजना का सबसे बड़ा लाभ यह है कि सरकार गाय, भैंस, बकरी और मुर्गी पालन के लिए शेड बनाने पर ₹75,000 से ₹160,000 तक की सब्सिडी देती है।
इस लेख में हम योजना का उद्देश्य, पात्रता, लाभ, सब्सिडी की राशि, आवश्यक दस्तावेज, आवेदन प्रक्रिया और इससे मिलने वाले लाभों पर विस्तार से चर्चा करेंगे।
Bihar Pashu Shed Yojana 2025 का उद्देश्य
इस योजना का मुख्य उद्देश्य केवल शेड बनाना नहीं है; इसका उद्देश्य ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करना है और किसानों की आय को बढ़ाना है। इस प्रकार योजना के मुख्य उद्देश्य हैं:
- 1. पशुओं को सुरक्षित रखना— पशुओं को गर्मी, सर्दी और बारिश से बचाने के लिए मजबूत और सुरक्षित शेड प्रदान करना। पशुओं की सेहत सुधरेगी और मृत्यु दर कम होगी।
- 2. पशुपालन को बढ़ावा देना— भूमिहीन और छोटे किसानों को पशुपालन करने को प्रेरित करना ताकि वे अतिरिक्त आय का स्रोत पा सकें।
- 3. दूध उत्पादन में वृद्धि— स्वास्थ्यपूर्ण पशुओं से अधिक दूध उत्पादन से राज्य की डेयरी उद्योग को बल मिलेगा।
- 4. ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार का निर्माण शेड निर्माण में ग्रामीण मजदूरों को रोजगार मिलेगा, जो मनरेगा (MGNREGA) कार्यक्रम को बढ़ावा देगा।
- 5. ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं और युवाओं को आत्मनिर्भर बनाना— गाय पालन, मुर्गी पालन और डेयरी क्षेत्रों में महिलाओं की भागीदारी बढ़ेगी, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में महिला सशक्तिकरण बढ़ेगा।
Bihar Pashu Shed Yojana 2025 के लिए पात्रता मानदंड
यदि कोई इस योजना का लाभ उठाना चाहता है, तो उसे निम्नलिखित योग्यता आवश्यकताओं को पूरा करना होगा: आवेदक बिहार में रहना चाहिए।
आवेदक को कम से कम 18 वर्ष की आयु होनी चाहिए। आवेदक पहले से गाय, भैंस, बकरी या मुर्गी जैसे पशुपालन व्यवसाय में सक्रिय है या इसे शुरू
करने की इच्छा रखता है। यह योजना केवल EWS/BPL परिवारों (आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग) के लिए है। सरकारी नौकरी में किसी भी परिवार का कोई सदस्य नहीं होना चाहिए। आयकर दाता परिवार नहीं होना चाहिए। इसमें
प्राथमिकता अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST) और आवास योजना लाभार्थियों को दी जाएगी।
Bihar Pashu Shed Yojana 2025 का लाभ
इस योजना से मिलने वाले फायदे निम्नलिखित हैं:
- 1. पशु शेड बनाने के लिए लाभार्थी को ₹75,000 से ₹160,000 तक की सब्सिडी दी जाती है।
- 2. इस योजना का लाभ गाय, भैंस, बकरी या मुर्गी पालन करने वाले सभी योग्य लोगों को मिल सकता है।
- 3. इस योजना से पशुओं की देखभाल बेहतर होगी, जो 20% से 30% तक दूध उत्पादन बढ़ सकता है।
- 4. ग्रामीण क्षेत्रों में आर्थिक स्थिरता योजना से मिलेगी।
- 5. किसानों की आय को दोगुना करना योजना का मुख्य लक्ष्य है।
Bihar Pashu Shed Yojana Subsidy (सब्सिडी राशि)
पशुओं की संख्या योजना में दी जाने वाली सब्सिडी की राशि निर्धारित करती है।
पशुओं की संख्या सब्सिडी राशि
- 3 पशु ₹75,000 – ₹80,000
- 4 पशु ₹1,60,000
- 6 पशु ₹1,16,000
Bihar Pashu Shed Yojana 2025 के लिए आवश्यक दस्तावेज
आवेदन करते समय आवेदक को निम्नलिखित दस्तावेजों की आवश्यकता होगी:
- आधार कार्ड या राशन कार्ड (पहचान प्रमाण)
- BPL कार्ड (यदि आवेदक BPL श्रेणी से है)
- निवास प्रमाण पत्र
- जाति प्रमाण पत्र
- बैंक पासबुक (खाता आधार से लिंक होना चाहिए)
- भूमि संबंधी कागजात
- पासपोर्ट साइज फोटो
- मोबाइल नंबर
- अन्य जरुरी दस्तावेज (यदि मांगे जाएं)।
Bihar Pashu Shed Yojana 2025 आवेदन प्रक्रिया
यदि आप इस योजना का लाभ उठाना चाहते हैं तो आवेदन की प्रक्रिया इस प्रकार है—
- 1। आवेदन पत्र प्राप्त करें— पहले अपने जिले के मनरेगा कार्यालय, ग्राम पंचायत, मुखिया या वार्ड सदस्य से संपर्क करके आवेदन फॉर्म डाउनलोड करें।
- 2. एक फार्म भरें: आवेदन फॉर्म में पूरा विवरण भरें।
- 3. संलग्न दस्तावेज: आवेदन पत्र के साथ सभी आवश्यक दस्तावेजों की एक कॉपी रखें।
- 4. फॉर्म डाउनलोड करें— मनरेगा कार्यालय में सभी आवश्यक दस्तावेजों को भरकर रसीद प्राप्त करें।
- 5. परीक्षण और स्वीकृति— आवेदन की जांच के बाद योग्य आवेदकों को लाभ की स्वीकृति दी जाएगी और शेड बनाने के लिए धनराशि दी जाएगी।
Bihar Pashu Shed Yojana से किसानों और ग्रामीणों को होने वाले फायदे
- 1. स्वस्थ प्राणी सुरक्षित शेड में अधिक उत्पादन करने से पशु कम बीमार होंगे और अधिक दूध और मांस उत्पादन होगा।
- 2. किसानों की अतिरिक्त आय: मुर्गी, बकरी और डेयरी से हर महीने किसानों को अतिरिक्त आय मिलेगी।
- 3. ग्रामीण रोजगार शेडों की स्थापना के दौरान स्थानीय लोगों को रोजगार मिलेगा।
- 4. महिला सशक्तिकरण: ग्रामीण महिलाएं छोटे-छोटे पशुपालन करके आत्मनिर्भर हो जाएंगी।
- 5. मजबूत पशुपालन से ग्रामीण अर्थव्यवस्था में नकदी प्रवाह और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
FAQ’s – Bihar Pashu Shed Yojana 2025
- Q1. बिहार पशु शेड योजना 2025 क्या है?उत्तर – यह योजना ग्रामीण किसानों और पशुपालकों को शेड बनाने के लिए ₹75,000 से ₹1,60,000 तक की आर्थिक सहायता प्रदान करती है।
- Q2. इस योजना का मुख्य उद्देश्य क्या है?उत्तर – पशुपालन को बढ़ावा देना, ग्रामीण रोजगार बढ़ाना और किसानों की आय को दोगुना करना।
- Q3. इस योजना का लाभ कौन ले सकता है?उत्तर – बिहार राज्य के 18 वर्ष से अधिक आयु के आर्थिक रूप से कमजोर लोग, जो पशुपालन करते हैं।
- Q4. क्या मुर्गी पालन भी योजना में शामिल है?उत्तर – हाँ, गाय, भैंस, बकरी और मुर्गी पालन सभी इस योजना में शामिल हैं।
- Q5. आवेदन कहाँ करना होगा?उत्तर – इच्छुक आवेदक अपने ग्राम पंचायत या ब्लॉक स्तर के मनरेगा कार्यालय में जाकर आवेदन कर सकते हैं।
✍️ लेखक: Sunny Mahto(सरकारी योजनाओं और शिक्षा संबंधी विषयों पर लेख लिखते हैं।)