
भारत एक ऐसा देश है जहाँ लोकतंत्र लोगों की जिंदगी का एक हिस्सा है, न सिर्फ संविधान में लेखित शब्दावली है। हर पाँच साल में होने वाले चुनाव केवल सत्ता बदलने के लिए नहीं होते, बल्कि देश की जनता किस दिशा में आगे बढ़ना चाहती है। भारत के युवा 2025 के चुनाव में निर्णायक भूमिका निभाने वाले हैं, इसलिए यह महत्वपूर्ण है।
भारत आज दुनिया की सबसे युवा आबादी वाली देश है। यहाँ 65% से अधिक लोग 35 साल से कम हैं। चुनाव आयोग ने बताया कि हर बार आम और विधानसभा चुनावों में लगभग 2 से 3 करोड़ नए युवा मतदाता शामिल होते हैं। 2025 के चुनाव में भी यह संख्या अधिक होगी, इसलिए सभी राजनीतिक दल युवाओं को आकर्षित करने का प्रयास कर रहे हैं।
1. युवा: सबसे बड़ा वोट बैंक
भारत की कुल मतदाता सूची में युवाओं की संख्या लगातार बढ़ रही है। 18 से 29 वर्ष की आयु के मतदाता अब किसी भी चुनाव का परिणाम बदल सकते हैं। 2025 में 10 से 12 करोड़ युवा पहली बार चुनाव में वोट डालेंगे, ऐसा अनुमान है।
युवा मतदाताओं की संख्या लगभग 35 से 40 प्रतिशत होगी। यह आंकड़े बताते हैं कि 2025 का चुनाव “युवाओं का चुनाव” होगा।
2. पहली बार वोट डालने वाले युवाओं का जोश
2025 के चुनाव में बहुत से युवा पहले कभी मतदान नहीं करेंगे। ये लोग हैं जिन्होंने डिजिटल भारत, स्टार्टअप कला, बेरोजगारी समस्या, नई शिक्षा नीतियों और नौकरी के अवसरों को निकट से देखा है।
राजनीति उनके भविष्य का प्रश्न है, न सिर्फ वादे और भाषण। ये युवा जाति और धर्म से अधिक भ्रष्टाचार मुक्त शासन, रोजगार, शिक्षा, तकनीक और विकास को प्राथमिकता देते हैं।
चुनावी समीकरणों को इस बार पहली बार वोट डालने वाले युवाओं का रुझान बदल सकता है।
3. युवाओं के मुद्दे बनेंगे चुनावी एजेंडा
रोजगार और स्वरोजगार युवाओं के सामने सबसे बड़ी चुनौती है। बेरोजगारी का मुद्दा 2025 के चुनाव में सबसे चर्चा में रहने वाला है। इसके अलावा कई महत्वपूर्ण प्रश्न भी हैं:
1. नौकरी और स्टार्टअप अवसर— स्टार्टअप, स्थिरता और पारदर्शिता सरकारी नौकरियों में
2. शिक्षा का स्तर स्कूल से कॉलेज तक बेहतर शिक्षण प्रणाली
3। डिजिटल इंडिया और तकनीक: युवा पीढ़ी को तकनीकी ज्ञान और नए कौशल देना।
4. भ्रष्टाचार से छुटकारा पाना— पारदर्शी प्रशासन और घोटाले से मुक्त प्रणाली।
5. सामाजिक न्याय और समान अवसरों का प्रावधान— लिंग, जाति और धर्म के आधार पर समान अधिकार राजनीतिक पार्टियों के लिए यह जरूरी हो गया है कि वे युवाओं की आकांक्षाओं को समझें और इन मुद्दों को अपने चुनावी घोषणापत्र में शामिल करें।
4. सोशल मीडिया पर युवाओं की पकड़
“डिजिटल चुनाव” 2025 में होगा। आज का युवा सोशल मीडिया के साथ दिन भर जुड़ा रहता है। युवा लोग फेसबुक, इंस्टाग्राम, यूट्यूब, ट्विटर (X) और WhatsApp पर सबसे अधिक सक्रिय हैं।
वे नेताओं के वादों, भाषणों और घोषणापत्रों को तुरंत देखते हैं। युवा लोग फर्जी खबरों को पकड़ने और ट्रेंड बनाने में सबसे आगे रहते हैं। राजनीतिक दल भी यह जानते हैं।
यही कारण है कि वे अब डिजिटल कैम्पेन और सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर्स पर करोड़ों रुपए खर्च कर रहे हैं। लेकिन इसका लाभ उन्हीं लोगों को मिलेगा जिनकी नीतियाँ और वादे युवाओं को सही तरीके से प्रभावित करेंगी।
5. राजनीति में युवाओं की सीधी भागीदारी
युवा अब सिर्फ वोटर नहीं रहे बल्कि राजनीति में भी शामिल हो रहे हैं। युवाओं को कई राजनीतिक दल टिकट दे रहे हैं। अब युवा विद्यार्थी राजनीति से बाहर निकलकर विधानसभाओं और लोकसभाओं में प्रवेश कर रहे हैं।
पंचायतों से लेकर नगर निगमों तक युवाओं का नेतृत्व बढ़ा है। 2025 में होने वाले चुनाव युवाओं को फिर से राजनीति में शामिल होने का अवसर देंगे।
यह स्पष्ट है कि भारतीय राजनीति में युवाओं की उपस्थिति भविष्य में और भी मजबूत होगी।
6. युवाओं की जिम्मेदारी
मतदान ही पर्याप्त नहीं है। युवाओं को इससे कहीं अधिक काम करना चाहिए। सही नीति और उम्मीदवार चुनना जातीय, धार्मिक या जातीय भावनाओं को त्यागकर राष्ट्रहित में मतदान करना
लोकतंत्र को मजबूत करने के लिए मतदान प्रतिशत को बढ़ावा देना यदि युवा अपनी जिम्मेदारी निभाएँगे, तो लोकतंत्र और भी मजबूत होगा और देश सही दिशा में आगे बढ़ेगा।
7. युवाओं की चुनौतियाँ
किंतु युवा सामने कई चुनौतियाँ हैं: भ्रष्ट समाचारों और अफवाहों का शिकार होना धर्म और जाति की राजनीति में शामिल होना।
नेताओं के झूठ बोल में फँस जाना मतदाताओं की उदासीनता और निष्क्रियता युवाओं की असली परीक्षा इन चुनौतियों से निपटना है।
8. 2025 का चुनाव युवाओं का चुनाव क्यों?
कुछ कारण हैं कि 2025 का चुनाव युवाओं का होगा:
1. युवा: सबसे बड़ा वोट बैंक।
2. पहली बार वोट डालने वाले करोड़ों नए मतदाता
3. युवाओं का सोशल मीडिया और डिजिटल माध्यमों पर नियंत्रण।
4. रोजगार और विकास के मुद्दे युवाओं से सीधे जुड़े हैं।
5. राजनीति में युवाओं की प्रत्यक्ष भागीदारी
9. अगर युवा एकजुट हों तो…
अगर युवा एकजुट होकर मतदान करके अपनी समस्याओं पर आधारित सरकार चुनें तो: देश की राजनीति में महत्वपूर्ण और सुखद बदलाव होगा।
धर्म-जाति की राजनीति कमजोर होगी। रोजगार और विकास पर आधारित राजनीति मजबूत होगी। शासन व्यवस्था पारदर्शी और उत्तरदायी होगी।
निष्कर्ष
भारत का भविष्य युवा लोगों के हाथों में है, और 2025 का चुनाव इसका सबूत होगा। युवा सोच-समझकर वोट देंगे, उसी तरह देश की राजनीति चलेगी। आज का युवा नवीन विचारों, उत्साह और दायित्व का प्रतीक है।
भारत आने वाले समय में एक नई राजनीतिक क्रांति का गवाह बनेगा अगर वह जागरूक होकर मतदान करे, सही नेताओं को चुने और लोकतंत्र में सक्रिय भागीदारी निभाए।
👉 इसलिए, यह कहना गलत नहीं होगा कि युवाओं ही लोकतंत्र का भविष्य बनाएंगे, क्योंकि 2025 का चुनाव युवाओं का होगा।
(About the Author)
Sunny Mahto—एक युवा Govyojna.de नामक वेबसाइट का मैं लेखक और संस्थापक हूँ। मैं बिहार और उत्तर प्रदेश के युवाओं को सरकारी योजनाओं, शिक्षा, नौकरी और राजनीति से जुड़ी सबसे भरोसेमंद और सटीक जानकारी देने का प्रयास करता रहता हूँ। युवाओं की शक्ति और उनके योगदान में मैं पूरी तरह से विश्वास रखता हूँ। इसलिए
मैं लेख लिखता हूँ जो न केवल जानकारी दें बल्कि युवाओं को जागरूक भी करें। govyojna.de मेरी वेबसाइट है, इसे जरूर देखें अगर आप सरकारी योजनाओं, शिक्षा समाचार या राजनीतिक विषयों की नवीनतम और सटीक जानकारी चाहते हैं।