
मतदाता लोकतंत्र का सबसे बड़ा बल है। किसी भी लोकतांत्रिक देश में सरकार चुनने का अधिकार सिर्फ मतदाताओं को है। यही कारण है कि हर राज्य और देश में मतदाता सूची को अद्यतन करना अत्यंत महत्वपूर्ण है। विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के तहत तैयार वोटर लिस्ट को चुनाव आयोग ने बिहार में जारी किया था। राजनीतिक दल और जनता ने इसके बाद आयोग से शिकायत करने का मौका लिया।
इस प्रक्रिया के 15 दिन पूरे हो चुके हैं, और चुनाव आयोग को 28,370 दावे और आपत्तियां मिल चुकी हैं। लेकिन चौंकाने वाली बात यह रही कि अब तक कोई राजनीतिक दल ने कोई आवेदन नहीं भेजा है।
क्या है SIR ड्राफ्ट वोटर लिस्ट?
SIR (Special Intensive Revision) का मतलब होता है – मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण।
यह एक प्रक्रिया है जिसमें चुनाव आयोग पुरानी वोटर लिस्ट को देखकर नए मतदाताओं को जोड़ता है, मर चुके लोगों या गलत नामों को हटाता है और गलतियों को सुधारता है।
निष्पक्ष और सटीक मतदाता सूची को चुनाव से पहले उपलब्ध कराना इसका मुख्य उद्देश्य है। आयोग हर साल एक रिविजन करता है ताकि 18 साल की उम्र पूरी कर चुके नए मतदाता भी नाम जुड़वा सकें।
15 दिनों में कितने आवेदन मिले?
आयोग ने कहा कि ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी होने के बाद दावा-आपत्ति दर्ज कराने के लिए पंद्रह दिनों का समय दिया गया था। इस समय—
कुल 28,370 दावे और आपत्तियां दर्ज हुईं।
इनमें से अब तक 857 का निपटारा कर दिया गया है।
वहीं, 18 वर्ष या उससे अधिक उम्र के नए मतदाताओं से अब तक 1,03,703 आवेदन (Form-6) प्राप्त हुए हैं।
इन आवेदनों में बीएलए (Booth Level Agent) के माध्यम से प्राप्त 6 फॉर्म भी शामिल हैं।
राजनीतिक दलों की चुप्पी क्यों?
इस प्रक्रिया में बहुत हैरान करने वाली बात यह रही कि अभी तक कोई राजनीतिक दल ने कोई दावा या आपत्ति नहीं की है।
Normally, राजनीतिक दल इस प्रक्रिया में बहुत सक्रिय हैं क्योंकि चुनावों का परिणाम सीधे वोटर लिस्ट से प्रभावित होता है।
लेकिन इस बार किसी भी पार्टी से 15 दिनों तक कोई आवेदन नहीं आने से कई प्रश्न उठते हैं।
चुनाव आयोग ने कहा कि अगर आगे चलकर आवेदन आते हैं तो उनकी भी जांच की जाएगी।
नए मतदाताओं की भूमिका
बिहार जैसे राज्य में, जहां अधिकांश युवा हैं, 18 वर्ष से कम उम्र के नए मतदाता लोकतंत्र में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं।
इस बार कुल 1 लाख से ज्यादा युवाओं ने अपने नाम जुड़वाने के लिए आवेदन किया है।
इसका सीधा अर्थ है कि आने वाले चुनावों में पहली बार वोट डालने वाले लोगों की संख्या बहुत अधिक होगी।
इससे चुनावी समीकरण पर भी असर पड़ना तय है, क्योंकि युवा वर्ग अक्सर बदलाव का प्रतिनिधित्व करता है।
दावा और आपत्ति दर्ज करने की प्रक्रिया
अगर कोई मतदाता मानता है कि— वोटर लिस्ट में उसका नाम नहीं है, नाम या पता गलत है,
मृत व्यक्ति का नाम अब भी सूची में दर्ज है,तो वह दावा/आपत्ति दर्ज कर सकता है।
इसके लिए आयोग अलग-अलग फॉर्म उपलब्ध कराता है –
Form-6 : नए वोटर के नाम जोड़ने के लिए।
Form-7 : गलत नाम या मृत व्यक्ति का नाम हटाने के लिए।
Form-8 : किसी जानकारी को सुधारने के लिए।
Form-8A : विधानसभा क्षेत्र के भीतर पते में बदलाव करने के लिए।
ये फॉर्म ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरीकों से जमा किए जा सकते हैं।
आयोग की पारदर्शिता और डिजिटल पहल
चुनाव आयोग लगातार पारदर्शी और डिजिटल बनाने की कोशिश करता है। अब मतदाता NVSP (राष्ट्रीय मतदाता सेवा पृष्ठ) का उपयोग करके ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। Voter Helpline App भी उपलब्ध है, जहां से नाम जोड़ना, सुधार करना और स्थिति देखना आसान है। योजना का लक्ष्य है कि ज्यादा से ज्यादा लोग ऑनलाइन प्रक्रिया अपनाएं ताकि समय और कागजी कार्यवाही दोनों बच जाएं।
बिहार की राजनीति और वोटर लिस्ट का महत्व
बिहार जैसे बड़े राज्य में, जहां जातीय और क्षेत्रीय मुद्दे चुनावों को प्रभावित करते हैं, सटीक मतदाता सूची बहुत महत्वपूर्ण है। राजनीतिक समीकरण बदल सकते हैं अगर बहुत से समुदायों के नाम छूट जाते हैं। यही कारण है कि राजनीतिक दल अक्सर इस प्रक्रिया को देखते रहते हैं। लेकिन इस बार मतदाताओं को दलों की चुप्पी भी हैरान कर दी है।
आगे की प्रक्रिया
आयोग ने कहा कि शिकायतों और आपत्तियों का त्वरित समाधान किया जा रहा है। वोटर लिस्ट में सही पाए गए नए नाम जोड़े जाएंगे। गलत नामों और नकली रिकॉर्डों को हटाया जाएगा। बिहार में दिसंबर 2025 तक अंतिम मतदाता सूची जारी की जाएगी।
निष्कर्ष
SIR ड्राफ्ट वोटर लिस्ट पर दावा-आपत्ति के 15 दिन पूरे हो चुके हैं और अब तक 28,370 आवेदन मिल चुके हैं। नए मतदाताओं से एक लाख से अधिक आवेदन आए हैं, और इनमें से कुछ का निपटारा हो चुका है। राजनीतिक दलों की चुप्पी निश्चित रूप से लोगों को सोचने पर मजबूर करती है, लेकिन आम जनता, खासकर युवा जनता, लोकतंत्र के प्रति जागरूकता बढ़ाती है। यह मतदाता सूची आने वाले चुनावों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाली है।
लेखक के बारे में – Sunny Mahto
मैं Sunny Mahto हूँ, बिहार का रहने वाला एक ब्लॉगर जो युवाओं की आवाज़ को सामने लाता है। मैं लिखना पसंद करता हूँ और मैं चाहता हूँ कि बिहार और उत्तर प्रदेश के सभी युवा लोगों को सरकारी योजनाओं (Sarkari Yojana), शिक्षा (Education), भर्ती परीक्षाओं (Recruitment) और राजनीति (Politics) के बारे में सबसे सरल भाषा में पता चले। मैं हर लेख को आसान हिंदी में लिखता हूँ, जिससे गाँव-गाँव के लोग भी आसानी से समझ सकें। 👉 अपने ब्लॉग पर मैं Sarkari Naukri, Yojana Updates, Education News और Bihar Politics पर जानकारी देता हूँ। 👉 मैं चाहता हूँ कि कोई भी युवा सिर्फ नहीं जानताइसलिए अपनी योजना या करियर का लाभ न खो दें। मेरा फेसबुक पेज और इंस्टाग्राम हैंडल: @govyojna.de व्यापार सुंदर है मैं हर युवा को हर खबर और योजना की सटीक जानकारी देना चाहता हूँ। ”