
हम जानेंगे कि कौन है मुकेश सहनी क्या है इनकी रणनीति बिहार चुनाव में आईए हम डिटेल जानते हैं
बिहार चुनाव 2025 से पहले मुकेश सहनी ने किया बड़ा ऐलान, VIP की रणनीति से महागठबंधन और NDA दोनों में मचा हड़कंप।
बिहार की सियासत में एक बार फिर हलचल मच गई है। विकासशील इंसान पार्टी (VIP) के अध्यक्ष मुकेश सहनी ने आगामी विधानसभा चुनाव 2025 को लेकर बड़ा ऐलान कर दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि उनकी पार्टी इस बार बिहार की ___ सीटों पर चुनाव लड़ेगी। मुकेश सहनी के इस ऐलान के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है, खासकर महागठबंधन और एनडीए में।
कौन हैं मुकेश सहनी?
बिहार के नेताओं में से एक जानी पहचानी चेहरा हैं मुकेश सहनी
मुकेश सहनी को ‘सन ऑफ मल्लाह’ के नाम से जाना जाता है। उन्होंने VIP पार्टी की स्थापना 2018 में की थी, ताकि निषाद, मल्लाह, केवट जैसी पिछड़ी जातियों को राजनीतिक पहचान दिलाई जा सके। वे पहले बॉलीवुड में सेट डिजाइनर के रूप में काम करते थे लेकिन फिर सामाजिक न्याय और सियासत की राह पकड़ ली। उन्होंने खुद को बिहार की राजनीति में मझे हुए नेता के रूप में स्थापित किया।
✅ VIP का अब तक का राजनीतिक सफर
2019 लोकसभा चुनाव: VIP ने महागठबंधन के तहत चुनाव लड़ा लेकिन एक भी सीट नहीं जीत पाई।
2020 विधानसभा चुनाव: VIP ने एनडीए के साथ गठबंधन किया और 11 सीटों पर लड़ी। इसमें से 4 सीटों पर विजय मिली।
बाद में तनातनी: चुनाव जीतने के बाद कुछ महीनों में ही बीजेपी और VIP के बीच मतभेद शुरू हो गए।
2022: मुकेश सहनी को मंत्री पद से हटाया गया। इसके बाद उन्होंने बीजेपी को ‘राजनीतिक दुश्मन’ बताया।
इस बार कितनी सीटों पर लड़ेगी VIP?
हाल ही में पटना में हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस में मुकेश सहनी ने ऐलान किया कि VIP इस बार 74 सीटों पर चुनाव लड़ेगी। उन्होंने कहा कि ये फैसला जनता की मांग और पार्टी के मजबूत संगठन के आधार पर लिया गया है।
“अब हम किसी के मोहताज नहीं। बिहार की जनता अब VIP को जानती है और मानती है। हमारी पार्टी समाज के उस वर्ग की आवाज़ बनेगी जिसे हमेशा अनदेखा किया गया है।”— मुकेश सहनी
गठबंधन पर क्या बोले मुकेश सहनी?
प्रेस कॉन्फ्रेंस में जब पत्रकारों ने पूछा कि क्या VIP किसी गठबंधन में शामिल होगी तो मुकेश सहनी ने जवाब दिया:
“गठबंधन तभी होगा जब हमारी सम्मानजनक भागीदारी होगी। अगर हमें सिर्फ ‘डालने वाले’ के रूप में देखा गया तो हम अकेले चुनाव लड़ेंगे।”
इस बयान से स्पष्ट है कि VIP अपनी स्थिति को लेकर अब सख्त हो चुकी है। न तो वो बिना शर्त किसी गठबंधन का हिस्सा बनना चाहती है और न ही पिछली बार की तरह दबाव में आकर सीटें छोड़ना चाहती है।
VIP की ताकत और चुनौती
मल्लाह और निषाद समुदाय में मजबूत पकड़
बिहार के कोसी, पूर्णिया, सहरसा, पश्चिम चंपारण जैसे क्षेत्रों में सक्रिय संगठन
युवा और पिछड़े वर्ग में अच्छी पहुंच
सोशल मीडिया और जमीनी नेटवर्क पर काम
चुनौती
बड़े दलों के साथ सीधी टक्कर
सीमित संसाधन
बीजेपी और RJD जैसे दलों की आक्रामक रणनीति
विश्वसनीय चेहरों की कमी
क्या VIP बदल सकती है बिहार की तस्वीर?
भले ही VIP एक क्षेत्रीय दल है, लेकिन बिहार की जातीय और सामाजिक राजनीति में इसका असर पड़ता है। अगर पार्टी सही रणनीति अपनाती है और संगठन को मजबूत करती है तो वह न सिर्फ जीत सकती है बल्कि ‘किंगमेकर’ की भूमिका भी निभा सकती है।
विशेष रूप से अगर VIP मल्लाह, केवट, निषाद, और अन्य पिछड़े समुदायों को अपने साथ पूरी तरह जोड़ पाती है, तो कई सीटों पर समीकरण पूरी तरह बदल सकते हैं।

बिहार की राजनीति में जहां एक ओर बीजेपी और JDU की जोड़ी मजबूत मानी जा रही है, वहीं दूसरी ओर RJD और कांग्रेस के नेतृत्व वाला महागठबंधन भी पूरी ताकत से मैदान में उतरने की तैयारी कर रहा है। ऐसे में VIP का अकेले 74 सीटों पर चुनाव लड़ने का फैसला दोनों गठबंधनों की रणनीति को प्रभावित कर सकता है।
अब देखने वाली बात होगी कि मुकेश सहनी की यह रणनीति उन्हें और VIP को कितना फायदा पहुंचाती है। क्या वे फिर से सत्ता के समीकरणों में भागीदार बनेंगे या राजनीतिक हाशिये पर चले जाएंगे — इसका जवाब 2025 के चुनावी नतीजे ही देंगे।
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