
पटना, 26 जुलाई 2025: बिहार की सियासत में एक बार फिर हलचल मच गई है। ‘द प्लूरल्स पार्टी’ की राष्ट्रीय अध्यक्ष पुष्पम प्रिया चौधरी ने बिहार विधानसभा चुनाव 2025 को लेकर बड़ा ऐलान किया है। उन्होंने न केवल सीटों की संख्या बताई है जिन पर उनकी पार्टी चुनाव लड़ेगी, बल्कि महिला उम्मीदवारों को प्राथमिकता देने की भी घोषणा की है। यह फैसला बिहार की राजनीति में एक नई सोच और बदलाव का संकेत माना जा रहा है।
पुष्पम प्रिया ने बदली सियासत की धारा
पुष्पम प्रिया ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर सीधा निशाना साधते हुए कहा, “नीतीश जी अब पूरी तरह फिट नहीं हैं। बिहार को अब नई सोच और नई दिशा की जरूरत है।” उन्होंने जनता से अपील की कि अब समय आ गया है जब वे पुराने नेताओं और पार्टी सिस्टम से बाहर आकर विकास और शिक्षा आधारित राजनीति को समर्थन दें।
कितनी सीटों पर लड़ेगी ‘द प्लूरल्स पार्टी’?
पुष्पम प्रिया चौधरी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में घोषणा की कि ‘द प्लूरल्स पार्टी’ बिहार की सभी 243 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारेगी। हालांकि, उनकी पार्टी का जोर उन क्षेत्रों पर रहेगा जहां युवाओं और महिलाओं की भागीदारी अधिक है। पार्टी का लक्ष्य है कि कम से कम 50% टिकट महिलाओं को दिए जाएं।
चला ‘महिला कार्ड’ – महिलाओं को मिलेगा पूरा सम्मान
इस बार पुष्पम प्रिया की रणनीति साफ है – वे महिला वोटरों को अपना समर्थन आधार बनाना चाहती हैं। उन्होंने बताया कि बिहार की राजनीति में महिलाओं की भागीदारी अभी तक केवल वोट देने तक ही सीमित रही है, लेकिन अब समय है उन्हें विधानसभा में भी पर्याप्त प्रतिनिधित्व मिले।
उनका यह कदम न केवल साहसी है, बल्कि यह मौजूदा पुरुष वर्चस्व वाली राजनीति को चुनौती देने जैसा है।
युवाओं और पढ़े-लिखे उम्मीदवारों को मिलेगी प्राथमिकता
पार्टी की रणनीति के तहत युवाओं, प्रोफेशनल्स, और पढ़े-लिखे उम्मीदवारों को प्राथमिकता दी जाएगी। ‘द प्लूरल्स पार्टी’ का मानना है कि बिहार की प्रगति तभी संभव है जब राज्य के नेतृत्व में बदलाव हो और नए विचारों को मौका दिया जाए।
पुष्पम प्रिया ने कहा – “हम बिहार को ‘बीमारू राज्य’ की पहचान से बाहर निकालना चाहते हैं। इसके लिए नई सोच, नया नेतृत्व और साफ-सुथरी राजनीति जरूरी है।”
पुरानी सरकारों पर हमला अब हम जानते हैं कि
उन्होंने अपने बयान में जेडीयू, आरजेडी और बीजेपी पर भी हमला बोला। “पिछले 30 सालों में किसी भी सरकार ने बिहार को वह नहीं दिया, जो उसका हक था। चाहे शिक्षा हो, स्वास्थ्य हो या रोजगार – हर क्षेत्र में हम पिछड़ गए।”
उन्होंने यह भी कहा कि “अब जनता को पुराने नेताओं के वादों पर नहीं, बल्कि नए नेताओं के विजन पर भरोसा करना चाहिए।”
चुनावी एजेंडा: शिक्षा, रोजगार और महिला सशक्तिकरण
पुष्पम प्रिया का चुनावी एजेंडा मुख्य रूप से तीन बिंदुओं पर केंद्रित है:
1. शिक्षा में सुधार – सरकारी स्कूलों और कॉलेजों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देना।
2. रोजगार – युवाओं के लिए स्थानीय स्तर पर नौकरी और स्टार्टअप के लिए सहयोग।
3. महिला सशक्तिकरण – पंचायत से लेकर विधानसभा तक महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित करना।
पुष्पम का ये सब रहेगा बदलाव की भूमिका
जनता की प्रतिक्रिया अब बिहार में जनता की क्या भूमिका निभाई है
पुष्पम प्रिया के इस ऐलान पर युवाओं और महिलाओं में खासा उत्साह देखा जा रहा है। सोशल मीडिया पर #PushpamForBihar और #Plurals2025 ट्रेंड करने लगे हैं। कई महिलाओं ने कहा कि पहली बार किसी पार्टी ने इतनी स्पष्टता से महिलाओं को सशक्त बनाने की बात की है।
राजनीतिक विश्लेषकों की राय जानकारी की पहचान
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि भले ही पुष्पम प्रिया की पार्टी का पहले का प्रदर्शन उतना दमदार न रहा हो, लेकिन इस बार उन्होंने अपनी रणनीति में बड़ा बदलाव किया है। महिलाओं और युवाओं को साथ लेकर वे बिहार की पारंपरिक राजनीति में सेंध लगाने की कोशिश कर रही हैं।
अगर वे सही उम्मीदवारों का चयन करती हैं और जमीनी स्तर पर काम करती हैं, तो इस बार उनका प्रदर्शन चौंकाने वाला हो सकता है।

बिहार विधानसभा चुनाव 2025 से पहले ही माहौल गर्म हो चुका है। पुष्पम प्रिया का यह बड़ा ऐलान न केवल चुनाव को रोचक बनाएगा, बल्कि बिहार की राजनीति को भी नई दिशा में मोड़ सकता है। अब देखना होगा कि ‘द प्लूरल्स पार्टी’ कितनी सीटों पर प्रभाव छोड़ पाती है और क्या महिलाएं इस बार सत्ता की कुर्सी तक पहुंचने में कामयाब होती हैं।