
बिहार की महिलाओं के लिए एक सौभाग्यपूर्ण खबर है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राज्य में मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना (Mukhyamantri Mahila Rojgar Yojana 2025) शुरू की है।
इस योजना के तहत 75 लाख महिलाओं को 10,000 रुपये की पहली किस्त दी गई है। योजना का उद्देश्य आर्थिक सहायता देने के अलावा महिलाओं को स्वरोजगार करने और आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित करना है।
मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना की शुरुआत
इस योजना को 29 अगस्त 2025 को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने जारी किया गया था। महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए इसका मुख्य लक्ष्य स्वरोजगार करना है। 26 सितंबर 2025 को, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से 75 लाख महिलाओं को 10,000 रुपये की पहली किस्त दी। यदि महिलाएं इस धन का सही उपयोग करके व्यवसाय में सफलता पाती हैं, तो उन्हें भविष्य में दो लाख रुपये तक की अतिरिक्त धनराशि भी मिल सकती है।
योजना के मुख्य लाभ
- 1. वित्तीय सशक्तिकरण: महिलाओं को उनके बैंक खाते में सीधे पैसा भेजा गया।
- 2. स्वयं काम करने के अवसर: महिलाएं इस पैसे से अपना छोटा सा व्यवसाय शुरू कर सकती हैं।
- 3. प्रशिक्षण और गाइड: स्वयं सहायता समूहों और जीविका समूहों से प्रशिक्षण प्राप्त होगा।
- 4. ग्रामीण महिलाओं के लिए आसानी से उपलब्ध प्रस्ताव: यह भी ग्रामीण क्षेत्रों में आसानी से लागू हो सकता है।
पात्रता (Eligibility)
उम्र: 18 से 60 साल
महिला को जीविका स्वयं सहायता समूह में शामिल होना चाहिए। एक परिवार में केवल एक महिला लाभ उठाएगी।
यदि एक परिवार में एक अविवाहित महिला है और उसके माता-पिता नहीं हैं, तो वह एक अलग परिवार कहलाता है।
आवश्यक दस्तावेज
- 1. आवेदन प्रारूप
- 2. स्थायी बिहार पता का आधार कार्ड
- 3. IFSC कोड और शाखा का नाम सहित बैंक पासबुक की प्रति
- 4. पासपोर्ट साइज की तस्वीर
- 5. फोन नंबर
- 6: सादे कागज पर हस्ताक्षर की स्कैन कॉपी
- 7. जीविका समूह में शामिल होने का सबूत
- 8. गांव संगठन का परिवार विवरण फॉर्म
- 9. शुरू करने वाले उद्यमों के बारे में जानकारी
योजना में सास और बहू को लाभ कैसे मिलेगा
योजना के अनुसार, एक परिवार से सिर्फ एक महिला लाभ उठाएगी। लेकिन पति-पत्नी और अविवाहित बच्चों को भी परिवार कहा जाता है। इसलिए, सास और बहू को अलग-अलग परिवार मानने से दोनों को फायदा होगा।
किन महिलाओं के खाते में पैसा नहीं आया
कुछ महिलाओं को पहली किस्त नहीं मिली। इसके निम्नलिखित कारण हो सकते हैं: महिला स्वयं सहायता समूह या जीविका से नहीं जुड़ी है। महिला या परिवार का कोई सदस्य आयकर का भुगतान करता है। महिला या उनके परिवार का कोई सदस्य सरकारी पद पर है।
महिला या परिवार का कोई सदस्य सरकारी पेंशन का भुगतान कर रहा है। परिवार का कोई सदस्य संविधानसभा में है। यदि आपके बैंक खाता या फॉर्म में कोई गलत जानकारी है, तो आप अपने निकटतम बैंक शाखा में जाकर इसे सुधार सकते हैं।
स्वरोजगार के लिए प्रशिक्षण
योजना केवल धन की सहायता नहीं है। महिलाओं को उनके कार्यक्षेत्र के अनुरूप प्रशिक्षण और मार्गदर्शन मिलेगा। महिलाओं के उत्पादों को ग्रामीण हाट बाजारों और सेल्स चैनलों के माध्यम से बेचने पर ध्यान दिया जाएगा।
किस व्यवसाय के लिए मिलेगा पैसा
महिलाएं इस योजना के तहत कई व्यवसाय शुरू कर सकती हैं:
- फल/जूस/डेयरी प्रोडक्ट की दुकान
- फल-सब्जी की दुकान
- किराना दुकान
- प्लास्टिक सामग्री/बर्तन की दुकान
- खिलौना व जनरल स्टोर
- ऑटोमोबाइल रिपेयरिंग
- मोबाइल रिचार्ज/मोबाइल बिक्री/मोबाइल रिपेयरिंग
- स्टेशनरी व फोटोकॉपी की दुकान
- ब्यूटी पार्लर/कॉस्मेटिक/आर्टिफिशियल ज्वेलरी
- कपड़ा/फुटवियर/सिलाई की दुकान
- खेती से जुड़े कामई-रिक्शा या ऑटो रिक्शा
- बकरी पालन, गौपालन, मुर्गी पालन
मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना की आगे की मदद
यदि महिलाएं पहली किस्त का सही उपयोग कर अपने व्यवसाय में सफलता प्राप्त करती हैं, तो उन्हें दो लाख रुपये तक की आर्थिक सहायता दी जाएगी। यह राशि स्वरोजगार को और मजबूत बनाने में मदद करेगी और महिलाओं को अधिक आत्मनिर्भर बनाने में मदद करेगी।
अन्य उपयोगी योजनाएं महिलाओं के लिए
- 1. पीएम प्रकाश योजना: मुफ्त गैस कनेक्शन और सहायता
- 2. प्रधानमंत्री मातृवंदन कार्यक्रम: पहली बार मां बनने पर पांच हजार रुपये और बेटी होने पर छह हजार रुपये
- 3. मुख्यमंत्री महिला उद्यमी प्रोत्साहन कार्यक्रम: 10 लाख रुपये बिना ब्याज और व्यवसाय के लिए 5 लाख रुपये की मदद
ग्रामीण महिलाओं के लिए आवेदन प्रक्रिया
ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाली महिलाओं के लिए आवेदन आसान है। पहले जीविका समूह में शामिल होना चाहिए।
आवेदन पत्र ग्राम संगठन से भरा जा सकता है। पोर्टल पर जाकर मोबाइल OTP और आधार से वेरिफिकेशन पूरी करें।
निष्कर्ष
- बिहार में महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण और स्वरोजगार के लिए मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना एक क्रांतिकारी कदम है। 75 लाख महिलाओं के खाते में 10,000 रुपये की पहली किस्त पहुंच चुकी है।
- योजना से महिलाएं अपना पहला व्यवसाय शुरू कर सकती हैं और अपने पैरों पर खड़ी हो सकती हैं। प्रशिक्षण, मार्गदर्शन और भविष्य में दो लाख रुपये की सहायता योजना को और भी लाभकारी बनाती है।
- यदि आप भी इस योजना का लाभ लेना चाहते हैं, तो जीविका समूह से जुड़ें और अभी आवेदन फॉर्म भरें।
About the Author
Sunny Mahto एक लेखक हैं जो बिहार के युवा और महिलाओं को सरकारी योजनाओं, नौकरी और शिक्षा के बारे में बताता है। वह आम लोगों को सरकारी योजनाओं और सरकारी रोजगार की सही जानकारी देने के लिए ब्लॉगिंग और डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म का उपयोग करता है।
उनके लेखों को सरल भाषा में लिखा गया है ताकि सभी लोग आसानी से समझ सकें और उनसे लाभ उठा सकें।