
बिहार में मतदाता सूची में एक महत्वपूर्ण बदलाव आया है। मतदाता पुनरीक्षण के बाद एक नवीनतम वोटर लिस्ट ड्राफ्ट जारी किया गया है, जिसमें कई स्थानों पर गड़बड़ियों की शिकायतें सामने आई हैं।
कई मतदाताओं के नाम सूची से गायब हैं या उनके नाम, पते या अन्य विवरण गलत हैं। यही कारण है कि राज्य निर्वाचन आयोग को
1 सितंबर 2025 तक दावा और आपत्ति दर्ज करने का अवसर दिया गया है। इस दौरान मतदाता विशेष कैंपों में अपनी शिकायतें दर्ज कर सकते हैं।
क्या है वोटर लिस्ट ड्राफ्ट?
मतदाता सूची ड्राफ्ट, एक अस्थायी सूची जो निर्वाचन आयोग जनता को देखने के लिए देता है इसका उद्देश्य यह है कि लोग
अपनी जानकारी की जांच कर सकें और अगर कोई गलती है या किसी का नाम छूटा है, तो उसे संबंधित कार्यालय या कैंप में ठीक कर सकें।
इस बार क्या गड़बड़ी हुई है?
इस बार बिहार में जारी की गई ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में निम्नलिखित गड़बड़ियों का पता चला:
- 1. बहुत से मतदाताओं के नाम गायब हैं।
- 2. किसी व्यक्ति का नाम है, लेकिन उसका पता या पिता या पति का नाम गलत है
- 3. सूची में कुछ नाम दो बार हैं।
- 4. लिस्ट में अभी भी मृत लोगों के नाम हैं।
यह समस्याएं शहरी और ग्रामीण दोनों जगह देखी गई हैं। हाल ही में नाम बदलने वाले या स्थान बदलने वाले लोगों के लिए यह और अधिक चुनौतीपूर्ण है।
दावा और आपत्ति दर्ज कराने की प्रक्रिया:
यदि आपके नाम या विवरण में कोई त्रुटि है या नाम सूची में नहीं है, तो आप दावा या आपत्ति निम्नलिखित तरीके से दर्ज करा सकते हैं:
1। विशिष्ट कैंप जाकर: जिला प्रशासन जगह-जगह विशेष कैंप लगा रहा है। यहां जाकर आप नाम जुड़वाने, नाम हटवाने, और नाम सुधार के लिए फॉर्म-6 भर सकते हैं।
2। ऑनलाइन रूप से: आप ये फॉर्म भी निर्वाचन आयोग की आधिकारिक वेबसाइट https://www.nvsp.in पर भर सकते हैं।
3। मोबाइल एप्लिकेशन से:
वोटर हेल्पलाइन ऐप डाउनलोड करके फार्म भर सकते हैं।
— आपको निम्नलिखित आवश्यक दस्तावेजों को साथ ले जाना चाहिए:
1. पहचान पत्र: 2. पैन कार्ड, 3.आधार कार्ड 4. या ड्राइविंग लाइसेंस
5.पता प्रमाण (बिजली बिल, राशन कार्ड, पानी का बिल आदि)
6.पासपोर्ट साइज फोटो 7.पिछली वोटर ID की कॉपी (अगर है)
कैंप कहां-कहां लगाए जा रहे हैं?
BLO (Booth Level Officer) राज्य भर के हर जिले में कैंप लगा रहे हैं। इस कैम्प:
स्कूलों, पंचायत भवनों और सामुदायिक केंद्रों में होगा।
हर सप्ताह (शनिवार और रविवार) विशेष शिविर होगा।
मतदाता इन कैंपों में जाकर अपनी समस्याओं को बता सकते हैं
और सुधार के लिए अनुरोध कर सकते हैं।
क्यों ज़रूरी है यह प्रक्रिया?
मतदान भारत में लोकतंत्र की सबसे बड़ी शक्ति है।
आप वोट नहीं डाल सकते अगर आपका नाम वोटर लिस्ट में नहीं है। आप नागरिक अधिकार खो सकते हैं। यही कारण है
कि सूची में सही तरीके से हर योग्य नागरिक का नाम शामिल होना महत्वपूर्ण है।
युवाओं के लिए सुनहरा मौका:
1 जनवरी 2025 को 18 वर्ष के होने वाले युवा पहली बार मतदाता सूची में नाम दर्ज कर सकते हैं। उन्हें अपने नजदीकी कैंप में जाकर पंजीकृत करना चाहिए।
यदि दावा-आपत्ति समय पर दर्ज न हो पाए तो?
1 सितंबर 2025 तक कोई मतदाता अपनी आपत्ति या शिकायत नहीं देगा, तो कोई परिवर्तन या नामांकन नहीं होगा।
ऐसे में वह आगामी चुनावों में वोट नहीं दे सकता। इसलिए यह अंतिम और महत्वपूर्ण अवसर है।
राज्य निर्वाचन आयोग की अपील:
राज्य निर्वाचन आयोग ने जनता से अपील की है कि वे ड्राफ्ट लिस्ट को जल्द से जल्द देखें और किसी भी त्रुटि को जल्द से जल्द सुधारें।
साथ ही, लोगों को अपने पड़ोसियों और रिश्तेदारों को भी इस बारे में जागरूक करना चाहिए।
प्रत्येक नागरिक को वोट देने का अधिकार सुनिश्चित करने की दिशा में बिहार में मतदाता सूची सुधार का यह अभियान एक महत्वपूर्ण पहल है।
अगर आपने अब तक अपनी जानकारी की जांच नहीं की है, तो तुरंत निकटतम कैंप जाएं या ऑनलाइन पोर्टल पर जाकर पुष्टि करें।
एक वोट लोकतंत्र को मजबूत करने में महत्वपूर्ण है। इसलिए इस अभियान में भाग लेकर अपनी जिम्मेदारी निभाओ।
वोटर लिस्ट में नाम क्यों छूट जाता है?
1. पुनरीक्षण में त्रुटि हुई: BLO ने घर-घर सर्वे के दौरान सही जानकारी नहीं ली।
2. स्थान बदलना: अगर आपने अपना पिछला पता बदला है और उसे अपडेट नहीं कराया है
3. डुप्लिकेट प्रवेश: नाम एक से अधिक बार दर्ज होने पर नाम सिस्टम से हटा दिया जाता है।
4. शादी के बाद नाम बदलना: विवाह के बाद महिलाओं का नाम एड्रेस के साथ अपडेट नहीं करने पर उनका नाम लिस्ट से हट सकता है।
5. मरना या अप्रवास: जब परिवार वाले गलत जानकारी देते हैं, तो नाम हट सकता है।
महत्वपूर्ण तिथि:
ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी 2 अगस्त 2025
दावा-आपत्ति दर्ज करने की अंतिम तिथि 1 सितंबर 2025
अंतिम वोटर लिस्ट का प्रकाशन 15 सितंबर 2025 (संभावित)
ऑनलाइन सुधार की स्टेप बाय स्टेप प्रक्रिया (NVSP के जरिए):
1. Website खोलें: https://www.nvsp.in पर जाएँ
2. “वोटर विवरण में सुधार” या “नवीन वोटर्स आईडी लागू करने” का विकल्प चुनें।
3. OTP द्वारा अपना मोबाइल नंबर वेरीफाई करे
4. आपकी आवश्यकतानुसार फॉर्म-6, 7 या 8 भरें।
5. दस्तावेज़ों को अपलोड करने और सबमिट करने का प्रबंधन करें
6. रसीद संख्या सुरक्षित रखें— आगे की खोज के लिए
BLO (बूथ लेवल ऑफिसर) की भूमिका:
BLO प्रत्येक बूथ पर मतदाताओं की मदद करेगा। आप
BLO पर जाकर भी फॉर्म भर सकते हैं या इसे संशोधित कर सकते हैं।
BLO आपके फॉर्म की पुष्टि करेगा और आगे बढ़ेगा।
बुजुर्ग और दिव्यांग मतदाताओं के लिए सुविधा:
विशेष कैंपों में बुजुर्गों और दिव्यांग मतदाताओं के लिए अलग-अलग काउंटर होंगे।
कुछ जिलों में घर जाकर सेवा करने की भी व्यवस्था है (केवल 80 वर्ष से अधिक उम्र के लिए)।
समाज में जागरूकता फैलाना जरूरी:
यदि आप जानकार हैं, तो इस ड्राफ्ट लिस्ट की जानकारी अपने मोहल्ले, पंचायत या अपार्टमेंट के सदस्यों को भी दें।
बहुत से लोग अनजान हैं और चुनाव के समय नाम सूची से हट गया है। स्कूलों, कॉलेजों और नगर निकायों में जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं। साथ ही स्वयंसेवकों और एनजीओ लोगों को फॉर्म भरने में मदद कर रहे हैं।