
एक समय में राज करने वाले लालू प्रसाद यादव उनकी पत्नी राबड़ी देवी बिहार की सरका को अपना एक नई बिहार की बनाने की कोशिश की थी पर ऊनकी सड़क एक बार ही बन पाई
बिहार की सियासत में हलचल तेज हो गई है। 2025 विधानसभा चुनाव के मद्देनज़र राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने संगठन में बड़ा फेरबदल किया है। पार्टी के संरक्षक और राष्ट्रीय अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव के नेतृत्व में यह बदलाव बेहद अहम माना जा रहा है। इस नए राजनीतिक घटनाक्रम में राबड़ी देवी को पार्टी का राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाया गया है, जबकि वरिष्ठ नेता जगदानंद सिंह को एक नई और बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई है।
लालू यादव ने संगठन में किया बड़ा बदलाव
हाल ही में लालू यादव को एक बार फिर से आरजेडी का राष्ट्रीय अध्यक्ष चुना गया है। अध्यक्ष बनने के बाद से उन्होंने पार्टी के संगठन में बदलाव की प्रक्रिया शुरू कर दी थी। अब चुनाव से ठीक पहले उन्होंने बड़े चेहरों को नए दायित्व सौंपकर यह साफ कर दिया है कि पार्टी 2025 के विधानसभा चुनावों को लेकर पूरी तरह तैयार है।
🔷 राबड़ी देवी को मिला राष्ट्रीय उपाध्यक्ष पद
राबड़ी देवी, जो बिहार की पहली महिला मुख्यमंत्री रह चुकी हैं, अब RJD की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बन गई हैं। यह निर्णय पार्टी की रणनीतिक मजबूती को दर्शाता है। राबड़ी देवी का अनुभव, जनाधार और महिला वर्ग में उनकी लोकप्रियता पार्टी के लिए चुनावी बढ़त साबित हो सकती है।
✅ राजनीतिक समीकरणों का संतुलन:
राबड़ी देवी को यह पद देकर पार्टी ने न केवल महिला नेतृत्व को बढ़ावा दिया है, बल्कि यादव समुदाय और पुराने नेताओं को साथ लेकर चलने का संदेश भी दिया है।
🔷 जगदानंद सिंह को सौंपी गई बड़ी जिम्मेदारी
वर्षों से पार्टी से जुड़े वरिष्ठ नेता जगदानंद सिंह को एक नई बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई है। पहले वे बिहार प्रदेश अध्यक्ष की भूमिका निभा चुके हैं, लेकिन अब उन्हें संगठनात्मक सलाहकार या रणनीतिक मामलों में एक प्रमुख भूमिका दी गई है।
पुराने नेताओं को मिला सम्मान
RJD का यह कदम यह भी दिखाता है कि पार्टी अपने पुराने, निष्ठावान नेताओं को नजरअंदाज नहीं कर रही, बल्कि उन्हें नए रूप में प्रयोग कर रही है।
🔷 तेजस्वी यादव की भूमिका बनी अहम
इस बदलाव के दौरान पार्टी के युवा चेहरा तेजस्वी यादव की भूमिका भी कम महत्वपूर्ण नहीं है। वे संगठनात्मक बदलावों को लेकर लालू यादव और अन्य वरिष्ठ नेताओं के साथ लगातार बैठकें कर रहे थे। पार्टी अब नए और पुराने नेताओं के अनुभव का बेहतर मिश्रण तैयार कर रही है, ताकि चुनावों में अधिकतम सफलता हासिल की जा सके।
🔷 संगठनात्मक बदलाव की पूरी सूची जारी
RJD ने अपने संगठन में जिन पदाधिकारियों को बदला है, उनकी सूची भी सार्वजनिक कर दी गई है। इसमें प्रदेश अध्यक्ष, महासचिव, प्रवक्ता और महिला मोर्चा के प्रमुख जैसे अहम पदों पर भी बदलाव हुए हैं। इससे कार्यकर्ताओं और जनता में यह संदेश गया है कि पार्टी अब पूरी तरह सक्रिय है।
आगामी चुनावों पर असर
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 को लेकर अब सभी पार्टियां अपनी तैयारी में जुट चुकी हैं। लेकिन RJD ने जिस तरह से समय से पहले संगठन को दुरुस्त किया है, उससे अन्य दलों पर भी दबाव बढ़ गया है। इस बदलाव के कई सकारात्मक असर हो सकते हैं:
✅ महिला वोटर्स को साधने की रणनीति
✅ पिछड़े वर्ग और ग्रामीण जनता को प्रतिनिधित्व
✅ पुराने कार्यकर्ताओं में उत्साह
✅ विपक्षी दलों को कड़ा संदेश
🔷 राजनीतिक विश्लेषण क्या कहता है?
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि RJD इस बार बिहार में फिर से सत्ता में वापसी का सपना देख रही है। राबड़ी देवी को संगठन में ऊँचा पद देना एक सोची-समझी रणनीति है, जिससे जनता के बीच यह संदेश जाए कि महिला नेतृत्व को प्राथमिकता दी जा रही है।
वहीं, जगदानंद सिंह जैसे नेता को किनारे न कर, बल्कि सलाहकार की भूमिका देना यह दर्शाता है कि पार्टी में सामूहिक निर्णय को अहमियत दी जा रही है।
बिहार के सफलता में ये सब की बारी उमंग की गई हैं पहचान
बिहार चुनाव 2025 से पहले RJD ने जो संगठनात्मक बदलाव किए हैं, वे सिर्फ नाम मात्र के बदलाव नहीं हैं, बल्कि रणनीतिक दृष्टिकोण से बेहद प्रभावशाली हैं। राबड़ी देवी और जगदानंद सिंह जैसे दिग्गज नेताओं को जिम्मेदारी देना यह बताता है कि लालू यादव और तेजस्वी यादव अब कोई गलती नहीं करना चाहते।
अब देखना यह होगा कि ये बदलाव जमीनी स्तर पर पार्टी को कितना मजबूत करते हैं और जनता इस नई RJD को किस तरह से स्वीकार करती है।
