
इन दिनों, चुनावों और राजनीतिक हमलों से बिहार की राजनीति भरी हुई है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी की वोट अधिकार यात्रा के दौरान बॉडीगार्डों की भिड़ंत ने एक नया विवाद पैदा कर दिया है. दूसरी ओर, विपक्ष लगातार चुनाव आयोग और मुख्य निर्वाचन आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार पर सवाल उठाता है। तेजस्वी यादव, नेता प्रतिपक्ष, ने CEC से एक हलफनामा मांगा है जो पूरे राजनीतिक क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गया है।
तेजस्वी यादव का बड़ा पलटवार: “CEC खुद दें हलफनामा”
सोमवार को तेजस्वी यादव ने कहा कि मुख्य निर्वाचन आयुक्त राजनीतिक दलों से शपथ पत्र मांग रहे हैं, लेकिन खुद को भी देश के सामने शपथ पत्र देना चाहिए। तेजस्वी की मांगें तीन महत्वपूर्ण मुद्दों पर आधारित थीं:
1. रिटायरमेंट के बाद कोई लाभकारी पद न लेना।
2. देश छोड़कर विदेश न भागना।
3. आयोग की निष्पक्षता को लेकर पारदर्शी जवाब देना।
तेजस्वी ने यह भी आरोप लगाया कि सीईसी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में सिर्फ झूठ बोल दिया। उनका कहना है कि प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) और गृह मंत्री अमित शाह से लिखकर दी गई बातें बार-बार दोहराई जाती थीं।
चुनाव आयोग पर विपक्ष के आरोप
कांग्रेस, राजद, तृणमूल कांग्रेस और भारत गठबंधन के अन्य दलों ने चुनाव आयोग को “सरकार की बी-टीम” कहा।
विपक्ष का कहना है कि चुनाव आयोग 2025 के विधानसभा चुनाव से पहले मतदाताओं की सूची में भारी हेरफेर कर रहा है। विपक्ष ने CEC की प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि “नर्सरी के बच्चों से भी अच्छे बहाने आ सकते थे।” ”
वोटर लिस्ट विवाद: 65 लाख नाम हटे
चुनाव आयोग ने स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के दौरान लगभग 65 लाख नामों को मतदाता लिस्ट से हटाने की सूचना दी। इनमें फर्जी, स्थानांतरित, मृत और नकली मतदाता शामिल थे। यह सूची सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद बूथ-वार और वार्ड-वार जारी की गई है।
1 सितंबर 2025 तक, अगर किसी का नाम गलती से हट गया है, तो वह Form-7 के जरिए आपत्ति दर्ज करा सकता है। आयोग कहता है कि यह प्रक्रिया चुनाव को अधिक निष्पक्ष बनाने के लिए की जा रही है, लेकिन विरोधी पक्ष इसे “वोट चोरी की साजिश” कहता है।
राहुल गांधी की वोट अधिकार यात्रा और बॉडीगार्ड भिड़ंत
राहुल गांधी की वोट अधिकार यात्रा के दौरान अचानक एक नाटकीय घटना हुई। आरजेडी के राज्यसभा सांसद संजय यादव और नबीनगर विधायक डब्लू सिंह के बॉडीगार्ड एक दूसरे से भिड़ गए।
अचानक भीड़ में धक्का-मुक्की हुई और संघर्ष हुआ। स्थिति को तुरंत नियंत्रित करने के बावजूद, यह राजनीतिक बहस का नया मुद्दा बन गया।
तेज प्रताप की चुटकी और नसीहत
यह घटना हुई तो लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे और पूर्व मंत्री तेज प्रताप यादव ने अपने छोटे भाई तेजस्वी यादव पर कड़ी टिप्पणी की, कहा कि ऐसी घटनाएं जनता को गलत संदेश देती हैं। “बॉडीगार्ड लड़ रहे हैं और नेता खामोश बैठे हैं, इससे पार्टी की छवि खराब होती है,” उन्होंने चुटकी लेते हुए कहा। ”
जनता के बीच संदेश और विपक्ष की रणनीति
तेजस्वी यादव अपने आप को आम लोगों की समस्याओं से जोड़ने का प्रयास कर रहे हैं। वे महंगाई, बेरोज़गारी, स्वास्थ्य और शिक्षा को चुनावी मुद्दा बनाना चाहते हैं।
साथ ही, राहुल गांधी और कांग्रेस वोट अधिकार यात्रा के दौरान “वोटर लिस्ट से नाम कटने” और “चुनाव आयोग की निष्पक्षता” को महत्वपूर्ण मुद्दा बनाना चाहते हैं।
तेज प्रताप की टिप्पणी बताती है कि राजद परिवार में भी राजनीतिक समीकरण और रणनीति पर कुछ मतभेद बने हुए हैं।
राजनीतिक विश्लेषण: हलफनामे की राजनीति
विशेषज्ञों का मत है कि तेजस्वी यादव का “CEC हलफनामा” वाला बयान सिर्फ एक राजनीतिक स्टंट नहीं है, बल्कि जनता में आयोग के प्रति अविश्वास पैदा करने की एक योजना है।
विपक्ष चुनावी लाभ उठाने की कोशिश करेगा अगर जनता को लगता है कि चुनाव आयोग सरकार के पूरे दबाव में है। बीजेपी और एनडीए ने इसे विपक्ष का “पूर्वाभास में बहाना ढूंढना” बताया।
सोशल मीडिया और जनता की प्रतिक्रिया
#CEC, #TejashwiYadav और #VoteChori जैसे हैशटैग ट्विटर (X) और फेसबुक पर लोकप्रिय हैं।
तेजस्वी की मांग को कुछ लोग सही मानते हैं, जबकि दूसरों ने इसे राजनीति में अतिरेक बताया है।
लोग राहुल गांधी की यात्रा में बॉडीगार्ड की भिड़ंत को मजाक बना रहे हैं और इसे मीम्स बना रहे हैं।
निष्कर्ष
देश की राजनीति में बिहार की राजनीति हमेशा महत्वपूर्ण रही है। CEC हलफनामा विवाद और राहुल गांधी की यात्रा के दौरान बॉडीगार्ड विरोध ने साबित कर दिया कि आने वाले चुनाव पारदर्शिता और मतदान की भी परीक्षा होंगे। तेजस्वी यादव ने CEC पर पलटवार किया है,
इससे स्पष्ट है कि 2025 का चुनाव बहुत कठिन, तीखा और विवादपूर्ण होगा। कांग्रेस और राहुल गांधी दूसरी ओर जनता पर अपना प्रभाव बढ़ाना चाहते हैं। पर सवाल अब भी वही है—क्या चुनाव आयोग विश्वसनीय और निष्पक्ष होगा?
(About Author)
Sunny Mahto एक युवा ब्लॉगर और कंटेंट क्रिएटर हैं, जो मुख्य रूप से सरकारी योजनाएँ (Sarkari Yojana), शिक्षा (Education), सरकारी नौकरियाँ (Government Jobs) और राजनीति (Politics) जैसे विषयों पर जानकारीपूर्ण और रिसर्च-बेस्ड आर्टिकल लिखते हैं।इनका उद्देश्य है कि आम जनता तक सटीक और सही जानकारी सरल भाषा में पहुँचे ताकि हर कोई लाभ उठा सके।
👉 सोशल मीडिया पर भी ये काफी सक्रिय रहते हैं –
Instagram: @govyojna.de
Facebook Page: Trading is Sunny